जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : शहर के नवनिर्मित पांचालघाट बिजलीघर पर लगाए गए उपकरण गुणवत्ता की पोल खोल रहे हैं। तीन माह में ही उपकरण जवाब देने लगे। 'बीमारियों' से घिरे बिजलीघर को ठोक-पीटकर चलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र की अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। अब उपकरणों की मरम्मत के लिए न तो कार्यदायी संस्था सुन रही है और न ही वरिष्ठ अधिकारी। इससे क्षेत्र में सप्लाई देना चुनौती बना हुआ है। जेई ने समस्याओं के संबंध में अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।

पांचालघाट बिजलीघर का अधूरे काम पर ही विद्युत अधिकारियों ने वाहवाही लूटने को यूपी दिवस पर जनवरी में लोकार्पण करा दिया। हालांकि बिजलीघर चालू नहीं हो सका। गर्मी बढ़ने पर जब लकूला बिजलीघर ओवरलोड होने लगा तो अधिकारियों ने आनन-फानन कार्यदायी संस्था राज कार्पोरेशन से काम पूरा कराकर 19 मई को पांचालघाट विद्युत उपकेंद्र चालू कराया। कुछ ही दिनों में उपकरण जवाब देने लगे। इससे क्षेत्र में अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। अवर अभियंता राघवराम पांडेय ने अधिशासी अभियंता को समस्याओं के संबंध में पत्र लिखा। जिसमें कहा कि 33केवी लाइन की खराब चल रही दूसरी केबिल कई बार कहने के बावजूद फर्म ने ठीक नहीं कराई। ब्रेकर का पैनल, वाय¨रग व रिले बिजलीघर चालू होने के कुछ दिन बाद ही जल गए। इससे ट्रि¨पग अधिक आ रही है। 11केवी वीसीबी की वाय¨रग ठीक न होने से मीटर व ट्रि¨पग सही नहीं है। 5 एमवीए ट्रांसफार्मर के गेज खराब हैं। वीसीबी की ट्रि¨पग ठीक न होने से 33केवी लाइन अक्सर ब्रेकडाउन हो रही है। अवर अभियंता ने बताया कि उन्होंने बिजलीघर की खामियों ठीक कराने को कई बार कार्यदायी संस्था आरसीएल के प्रतिनिधियों से कहने साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं। फिलहाल कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्थित रखना चुनौती बना हुआ है। उन्होंने इस संबंध में अधिशासी अभियंता को पत्र दिया है।

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