संस, भीमताल : महाशिवरात्रि पर पिनरौ न्याय पंचायत में स्थित छोटा कैलास की पहाड़ी हर हर महादेव और बम बम भोले के उद्घोष से गुंजायमान रही। शुक्रवार को सैकड़ों श्रद्धालु जलाभिषेक को पहुंचे।

गुरुवार रात 12 बजे पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। परिसर में पूजा-अर्चना की सामग्री की दुकानें लगी थीं। आदी कैलाश सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास समिति, थानाध्यक्ष कैलाश जोशी, उमेश पलड़िया, जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया, ग्राम प्रधान तारा देवी आदि ने मेला आयोजन में सहयोग दिया। पौराणिक भीमेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, कैंचुला देवी मंदिर और नौकुचियाताल के शिव मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ रही।

मान्यता के अनुसार त्रेता युग में भोलेनाथ भगवान राम की लीला देखने के लिए दक्षिण दिशा को निकले तो सबसे पहले पिथौरागढ़ जनपद के छोटा कैलास, उसके बाद अल्मोड़ा के सालम कैलास और बाद में भीमताल ब्लाक के उज्ज्वल गांव (वर्तमान में उड़वा) होते हुए पिंडर की चोटी पिनरौ में पहुंचे। यहा ध्यान करते हुए राम-रावण युद्ध देखा। दूसरी ओर, आज भी 52 ग्राम सभा के लोग परंपरा के अनुसार एक नाली (ढाई किलो) अनाज लगान के रूप में पुजारी को देते हैं। ------------------

मौसम ने बिगाड़ी व्यवस्था, श्रद्धालु परेशान

भीमताल : छोटा कैलास में आयोजित शिवरात्रि मेले में इस बार सुविधाओं का अभाव खला। भटेलिया से छोटा कैलास तक पूरे मार्ग पर एकाध विश्राम स्थल ही नजर आए। भारी बारिश में भी श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। मार्ग पर कहीं भी शौचालय नहीं दिखा। ऐसे में महिलाओं को खासी दिक्कत हुई। किच्छा, हल्द्वानी, भीमताल और अन्य स्थानों से मेले में दुकान लगाने वालों का सामान भीग गया। ऐसे में अधिकांश दुकानदार सामान समेट कर चलते बने। विधायक राम सिंह कैड़ा छाते के सहारे मंदिर तक पहुंचे।

पिनरौ निवासी 52 वर्षीय उमेश पलड़िया 35 वर्षो से मेला आयोजन में भागेदारी निभा रहे हैं। बताया कि शिवरात्रि के दिन पहली बार मौसम खराब हुआ है। पिछले साल तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इस बार 50 हजार के करीब श्रद्धालु पहुंचे। पिछले पंद्रह वर्षो से हल्द्वानी से छोटा कैलास पहुंचने वाले श्रद्धालु महेश कुमार, हिमांशु, नरेश, सोनू, जानकी देवी, कमला देवी के अनुसार तीन किमी पैदल मार्ग पर पानी के टैंक बनाने चाहिए थे। इसके अलावा प्रतीक्षालय, शौचालय आदि की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वहीं हर वर्ष दुकान लगाने वाले हरि राम, त्रिलोक सिंह, मणिदेव आदि ने मेलास्थल पर अस्थाई दुकानें बनाए जाने की बात कही। आयोजक जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया, जिला पंचायत सदस्य प्रेम बल्लभ वृजवासी, उमेश पलड़िया, शांति पलड़िया ने बताया कि सुझावों को जिला प्रशासन और अन्य मंच के सम्मुख रखा जाएगा, ताकि अगले वर्ष इस तरह की समस्याएं पेश न आएं।

Posted By: Jagran

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