जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : शासन की महिलापरक कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा के लिए आई तीन महिला अधिकारियों की टीम शुक्रवार को यहां पहुंच गई। टीम ने विकास भवन सभागार में बैठक कर विभिन्न योजनाओं के बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा की। टीम ने शुक्रवार शाम को ही कमालगंज कस्तूरबा आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। शनिवार सुबह लोहिया अस्पताल के अलावा महिला प्रधानों वाले ग्रामों के निरीक्षण की भी योजना है।

मेरठ में तैनात प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अदिति शर्मा, कानपुर देहात की एसडीएम दीपाली और कानपुर नगर की अपर पुलिस अधीक्षक रत्ना पांडेय ने शुक्रवार शाम यहां विकास भवन स्थित सभागार में महिलापरक योजनाओं की समीक्षा की। टीम ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व कन्या सुमंगला योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इसके अलावा प्रोबेशन विभाग के वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की जानकारी ली। बाल विवाह के प्रकरणों की समीक्षा के अलावा घरेलू हिसा, गुमशुदगी, दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की स्थिति देखी। निस्तारण कम होने पर असंतोष जताया। टीम के एजेंडे में शामिल महिला प्रतिनिधियों को उनकी भूमिका और दायित्वों के निर्वहन की स्वतंत्रता के बारे में टीम शनिवार को महिला ग्राम प्रधानों के गांव में जाकर स्थिति देखेगी। टीम लीडर अदिति शर्मा ने बताया कि पाक्सो एक्ट के मामलों में कार्रवाई की स्थिति काफी खराब है। हेल्पलाइन 1090 की डिटेल भी नहीं मिली है। इसमें तीन हजार से अधिक मामले लंबित हैं।

Posted By: Jagran

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