जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : रमजान के दौरान फलों के बाजार में रौनक बढ़ी हुई है। गर्मी के मौसम को देखते हुए सहरी व इफ्तार के लिए लोग खाने-पीने की चीजों के साथ फलों की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। शाम होते ही लोग फलों की दुकान पर खरीदारी करते नजर आते हैं। मांग को देखते हुए बाजार में फलों की कीमत में काफी इजाफा दिख रहा है। लीची और पपीता जैसे फलों की मांग सबसे अधिक दिख रही है। सेब, केला आदि भी बिक रहे हैं। वहीं तरबूज और खरबूजे भी लोग खूब खरीद रहे हैं।

सेब जहां पहले 160 रुपये किलो था, वहीं रमजान में 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा हैं। इसी तरह खजूर, आम, लीची, पपीता, अनार, अंगूर, अमरूद व केले के दाम भी काफी इजाफा हो गया है। रमजान में फलों की खपत को देखते हुए बाजार में सुबह से ही फलों की दुकानें सज जाती हैं। पपीता और लीची की भी अच्छी मांग है। इससे भाव कम नहीं हो रहे हैं। लीची जहां 120 रुपये किलो मिल रही है, वहीं पपीता भी 40 रुपए किलो से कम मिलना मुश्किल है। गर्मियों का रसगुल्ला कही जाने वाली लीची मीठी होने के साथ-साथ बहुत ही रसीला फल है। बिहार, असोम, बंगाल और आंध्र प्रदेश से लीची उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों के बाजारों में पहुंचती है। जाने क्या-क्या हैं लीची के फायदे

डा. मोहम्मद मोहसिन बताते हैं कि लीची याददाश्त को बढ़ाती है। इस लिए हर उम्र के लोगों को लीची खाना  चाहिए। गर्मी में लीची बहुत फायदेमंद होती है। गर्मी के दिनों में हाथ, पैरों और आंखों में जलन, प्यास बहुत लगती है। लीची का जूस इसमें बहुत फायदा करता है। लीची दिल की धड़कन को काबू करता है। सुबह लीची का जूस पीने से धमनियों में जमे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है। डायबिटीज से पीड़ित लोग लीची के जूस को करेले और खीरा जूस के साथ मिलाकर पी सकते हैं।

Posted By: Jagran

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