जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : एक फरवरी को आने वाले बजट से महिलाओं को भी काफी उम्मीदें हैं। उनकी पहली प्राथमिकता है कि सरकार घरेलू सामग्री सस्ती करने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा में नई घोषणाएं करें।

महिलाएं चाहती हैं कि बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे उनके घर का खर्च आराम से चल सके और चार पैसे भी बच जाएं। आटा, दाल, चावल, रिफाइंड आदि के दामों में अंकुश लगे। सिलिडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस ओर भी सरकार ध्यान दे। भूमि खरीद के दौरान स्टांप शुल्क में महिलाओं को छूट मिले। सरकार महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे, जिससे वे बेखौफ होकर घरों से बाहर निकल सकें। दुष्कर्म जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कानून बनें। आगामी बजट में महिलाएं यही चाहती हैं कि सुरक्षा के साथ ही साथ सरकार रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम करे। महिला सुरक्षा के लिए सरकार बनाए कड़े कानून

'सरकार भले ही महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रही हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी जागरुकता की कमी है। यही वजह है कि बाल विवाह, दहेज हत्या व दुष्कर्म जैसी घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। आगामी बजट में सरकार कड़े कानून बनाए, जिससे महिला सुरक्षा को बढ़ावा मिल सके।'

- तमन्ना दुबे, गृहणी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम हों कम

'सरकार रोटी, कपड़ा व मकान पर बहुत ही कम टैक्स लगाए, क्योंकि घरेलू जीवन में इनका बहुत महत्व है। खान-पान की चीजों के साथ ही साथ रोज की जरूरतों की वस्तुओं पर कर कम करे। महिलाओं के लिए इनकम टैक्स की छूट सीमा को बढ़ाया जाए।'

- नेहा दीक्षित, गृहणी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने को उठाए जाएं कदम

'सौंदर्य प्रसाधनों के साथ ही तेल, चावल, रिफाइंड, चीनी, दाल व आटा आदि खान-पान की वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए। बढ़ती महंगाई के चलते हमें घर चलाने में काफी दिक्कत होती है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए भी सरकार कदम उठाए, जिससे गृहस्थी आराम से चल सके।'

- दिव्या गुप्ता, गृहणी

सिलिडर के दामों पर लगे अंकुश

'सिलिडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, इस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। रसोईगैस के दाम बढ़ने से महीने का बजट बिगड़ जाता है। महिलाओं को स्टांप शुल्क में और छूट दी जाए। घर-गृहस्थी को ध्यान में रखते हुए ही सरकार आगामी बजट प्रस्तुत करे।'

- ममता सक्सेना, गृहणी

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