मंत्रा पोर्टल पर छह माह से नहीं हुई नवजात बच्चों की फीडिंग

संवाद सूत्र, कमालगंज : स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए एसीएमओ ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्हें अव्यवस्थाओं का बोलबाला मिला। प्रसव कक्ष के निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने मंत्रा पोर्टल फीडिंग की जानकारी मौजूद स्टाफ नर्स नीरज पाल से ली, तो पता चला कि दिसंबर 2021 से पोर्टल पर किसी भी बच्चे के जन्म की फीडिंग ही नहीं की गई। जिस पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई।

शनिवार दोपहर करीब 11 बजे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. दलवीर सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसव कक्ष में जाकर मौजूद स्टाफ नर्स नीरज पाल से मंत्रा पोर्टल पर फीडिंग की जानकारी ली। पता चला कि दिसंबर 2021 से पोर्टल पर कोई भी फीडिंग नहीं की गई, जिस पर वह हतप्रभ रह गए। उन्होंने मौजूद स्टाफ से कहा कि मंत्रा पोर्टल पर प्रतिदिन होने वाली डिलीवरी की संख्या चढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से उन्होंने पूछा कि बच्चों को जन्म के बाद कितनी देर बाद दूध पिलाया गया तो महिलाओं ने कहा कि करीब दो से ढाई घंटे बाद बच्चों को मां का दूध दिया गया है। इस पर उनकी त्योरी चढ़ गई तथा कहा कि यहां तो लापरवाही कि हद हो गई है। बाद में उन्होंने औषधि वितरण कक्ष पहुंचकर मौजूद फार्मासिस्ट अनिल कुमार से एंटी रेवीज के संबंध में जानकारी ली। जिस पर उन्होंने बताया कि 19 लोगों को शनिवार को रेवीज के इंजेक्शन दिए गए। नौ वायल स्टाक में थी, 60 और आई हैं। इसी दौरान गदनपुर तुर्रा निवासी श्याम ने शिकायत करते हुए कहा कि उनकी पत्नी की डिलीवरी होनी है और अस्पताल में ग्लब्ज तक मौजूद नहीं हैं। वह भी उन्हें बाजार से लाने पड़े। इस पर उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट पीसी राजपूत को फटकार लगाते हुए कहा कि ग्लब्ज बाजार से क्यों मंगाए जा रहे हैं। जिस पर उन्होंने बताया कि ग्लब्ज समाप्त हो गए हैं, डिमांड भेजी गई है। प्रथम तल पर चल रही कम्युनिटी हेल्थ आफीसर की ट्रेनिंग में संख्या कम देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। टेबल की जगह स्ट्रेचर को देखकर उन्होंने मौजूद लोगों को फटकारा। उसके बाद उन्होंने लैब का निरीक्षण किया तथा यहां प्रत्येक माह की नौ तारीख को होने वाली गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की संख्या की जानकारी ली। संख्या 30 और 32 के बीच में निकली, जिस पर उन्होंने संख्या बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।

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