संवाद सूत्र, कमालगंज : गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। बाढ़ के चलते हो रहे कटान के डर से धारा नगला गांव के लोग मकान तोड़ने में दूसरे दिन भी जुटे रहे। जंजाली नगला गांव में पंचायत सचिवालय व सामुदायिक शौचालय के चारों ओर पानी आ गया है। चाचूपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। यहां गांव को जाने वाले मुख्यमार्ग पर बाढ़ का पानी वह रहा है।

गंगा के किनारे बसा धारा नगला गांव का आधा हिस्सा पूर्व में आई बाढ़ से तबाह हो चुका है। तीन दिन पूर्व फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने से धारा नगला का मजरा कुशवाह नगला फिर कटान की जद में आ गया है। जिस कारण लोग अपने आवासों को तोड़ने मे दूसरे दिन भी जुटे रहे। यहां गांव पूरी तरह से वीरान हो गया है। ग्रामीण दूसरे स्थानों पर पन्नी बांधकर रहने को मजबूर हैं। जंजाली नगला गांव भी गंगा के पानी से चारों ओर घिर गया है। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर आसरा पाने के लिए पलायन करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ से मकान तो घिरे ही हैं, फसलें भी गंगा में समा गई हैं। यहां हाल ही में बनाए गए ग्राम पंचायत सचिवालय तथा सार्वजनिक शौचालय भी पानी में चारों तरफ से घिर गया है। सोमवार को यहां बाढ़ का पानी पक्की सड़क तक आ जाने से लोगों की धड़कन बढ़ गई हैं। चाचूपुर गांव के हालात भी खराब होते जा रहे हैं। यहां गांव को जाने वाली मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी तेजी से बह रहा है गांव में पिछले हिस्से में बने मकानों में बाढ़ का पानी भर गया है। जिस कारण यहां लोग रात में जाग रहे हैं।

लेखपाल को सुनाई खरी खोटी

गंगा मे आई बाढ़ से सब कुछ तबाह होने के बाद बेघर हुए परिवार की जानकारी पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल प्रकाशचंद्र को गांव की महिलाओं ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान लेखपाल ने ग्रामीणों से कहा कि वह ग्रामीणों की समस्या जिलाधिकारी तक ही पहुंचा सकते हैं और इसी काम के लिए आए हैं, तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए।

बाढ़ से बेघर हुए 50 परिवार

लेखपाल प्रकाशचंद्र ने जिलाधिकारी को भेजी गई सूची में धारा नगला गांव के कोतवाल, अर्जुन, गीता, कलावती, मुन्नालाल, श्यामू, राजू, जगदीश चंद्र, नितिन, रामसिंह, पप्पू, मानसिंह, बृजेश, महावीर, विजेंद्र, राजू शाक्य, दीपू, महादेव, नीरज, राजीव, राजेश, रामू कुशवाह, बाबूराम, सुमन, अंशुल, श्रीराम, गीता देवी, सर्वेश चंद्र, अरविद कुमार, माया देवी, राजीव शाक्य, प्रदीप कुमार, रामगोपाल, धर्मेंद्र, जितेंद्र, रामचंद्र, रामवती, राजेंद्र, सुनील, सिपाहीलाल, राघवेंद्र, छुन्नालाल व कृपाल के नाम शामिल किए हैं।

बाढ़ में बहकर आया घायल हिरन

सोमवार को गंगा की विकराल धारा में बहता हुआ एक हिरन जंजाली नगला गांव में आ गया, जो घायल अवस्था में था। ग्रामीणों ने हिरण को पकड़ कर बांध लिया तथा मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने वन विभाग को सूचित कर दिया।

गंगा की कटरी में नहीं हो सकेगा आलू

गंगा में आई बाढ़ से कई हजार बीघा खेतों की जमीन गंगा में डूब जाने से किसान परेशान हैं। वहीं कुछ किसान खेत में आलू की फसल को बचाने के लिए बंधा लगा रहे हैं, लेकिन गंगा के तेज बहाव से वह भी टूट गए। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा में आई बाढ़ से करीब 15 से 20 हजार बीघा जमीन पर खड़ी आलू की फसल डूब गई है। जिससे वह लोग पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं।

Edited By: Jagran