संवाद सूत्र, मोहम्मदाबाद : काली नदी में डूबे बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों ने रात भर मशक्कत की। शुक्रवार सुबह पहले किशोर का शव मिला और उसके बाद बालिका का शव जाल में फंसा मिला। वहीं नदी के किनारे बच्चों के परिजन और स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही।

कटिन्ना मानिकपुर गांव के सामने काली नदी के दूसरी ओर शहतूत खाने नदी में घुसकर जा रहे छह बच्चे गुरुवार शाम नदी में डूबने लगे थे। ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगाकर चार बच्चों को सकुशल निकाल लिया था। 11 वर्षीय महावीर व दस वर्षीय नीलम का कहीं पता नहीं चला था। पुलिस ने देर रात जनरेटर से रोशनी की व्यवस्था की और सोता बहादुरपुर से गोताखोर बुलवाए। गोताखोरों ने रात भर नदी में बच्चों की खोजबीन की। गोताखोरों ने कई जगह जाल भी बंधवा दिए थे। शुक्रवार सुबह लगभग सात बजे घटनास्थल से एक किमी. दूर हुसैनपुर गांव के सामने महावीर का शव पानी में उतराता मिला। महावीर कक्षा पांच का छात्र था। शव देखकर मां सोनकली व पिता रामशरन बिलख पड़े। महावीर का शव मिलने के बाद गोताखोर नीलम की तलाश में जुट गए। गोताखोरों ने तीन घंटे तक काली नदी को खंगाला। इसी दौरान प्रधान जगपाल सिंह के पास फोन आया कि नीलम का शव थाना बेवर क्षेत्र के नगला मुरान व नगला ढाकेन के मध्य बंधे जाल में फंसा है। प्रधान की सूचना पर गोताखोर व पुलिस जाल के पास पहुंचे और नीलम का शव निकाल लिया। नीलम कक्षा आठ की छात्र थी। पुत्री का शव देखते ही मां संतोषी व पिता सिपाहीराम दहाड़ मारकर रो पड़े। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी के किनारे मौजूद रहे। बच्चों के शव देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

Posted By: Jagran

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