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यूपी में आलू किसानों को बड़ी राहत, भामाशाह भाव स्थिरता योजना के तहत मिलेगा 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:21 PM (IST)

फर्रुखाबाद में आलू उत्पादक किसानों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता योजना के तहत पंजीकरण शुरू हो गया है। इस योजना ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भामाशाह भाव स्थिरता योजना के तहत पंजीकरण शुरू।

  2. निजी कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू पर अनुदान।

  3. अधिकतम 20 हजार रुपये तक का लाभ मिलेगा।

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। आलू उत्पादक किसानों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता योजना के तहत पंजीकरण शुरू हो गया है। योजना के अंतर्गत निजी कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इसका लाभ केवल एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकृत किसान आईडी धारकों को मिलेगा।

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर उद्यान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भामाशाह भाव स्थिरता योजना और निजी शीतगृहों में आलू भंडारण प्रभार पर अनुदान की कार्ययोजना लागू कर दी है। जिले के सभी आलू उत्पादक किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने की अपील की गई है।

योजना के तहत अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल करने वाले प्रति किसान ही पात्र होंगे। प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल की सीमा के अनुसार 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा। अनुदान का लाभ पाने के लिए किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकरण और किसान आईडी होना अनिवार्य है।

साथ ही आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, आलू वाली भूमि की खतौनी-खसरा तथा कोल्ड स्टोरेज की हस्ताक्षरित भंडारण रसीद, किराया भुगतान रसीद, गेट पास और बोरी गणना की रसीदें अपलोड करनी होंगी। उद्यान निरीक्षक पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए आलू किसानों को विभागीय पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

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