फर्रुखाबाद, मोहम्मद आकिब खां: पूर्व विधायक इजहार आलम खां को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर व सलामी देने के साथ मुस्लिम रीति के मुताबिक उनके परिवारिक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

पूर्व विधायक इजहार आलम खां का लंबी बीमारी के चलते बुधवार को नई दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर देर रात उनके निवास गांव पितौरा लाया गया, जिसे गुरुवार को उनके आवास परिसर शांति कुटीर में तिरंगा में लपेट कर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे।

वहीं पुलिस की सलामी गारद ने सलामी दी। पुलिस उपाधीक्षक सोहराब आलम, तहसीलदार कर्मवीर व प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश पाल मौजूद रहे। सलामी के बाद शव को उनके परिवारिक कब्रिस्तान ले जाया गया। जहां भाई इफ्तखार आलम, इख्तेदार आलम खां, भतीजे डा. शाह आलम खां, भांजे सैयद अहमद अफज़ल सहित अन्य स्वजन व मौजूद लोगों ने उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया।

वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर पहुंचे थे विधानसभा

स्व. इज़हार आलम खां समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। इनका जन्म 21 जून 1942 को कायमगंज के पितौरा गांव में हुआ था। वर्ष 1991 के मध्यावधि चुनाव में जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए।

जमीन से जुड़े हुए नेता थे, करते थे ईद मिलन और होली मिलन का आयोजन

पूर्व विधायक स्व. इजहार आलम खां जमीन से जुड़े हुए नेताओं में शुमार थे। वह लोगों की मदद करने में कभी पीछे नहीं हटा करते थे। हर वर्ष ईद मिलन और होली मिलन के कार्यक्रम का आयोजन किया करते थे जिसमें आसपास क्षेत्र के हजारों लोग जुटा करते थे। इसके अलावा आम के मौसम में मैंगो पार्टी का भी आयोजन किया करते थे।

मशहूर शायर गुलाम रब्बानी ताबां के पुत्र और खुर्शीद आलम खां के थे भतीजे

स्व. इजहार आलम खां के पिता स्व. गुलाम रब्बानी ताबां हिंदुस्तान के मशहूर शायर थे तो चाचा स्व. खुर्शीद आलम खां केरल और गोवा के राज्यपाल रहें हैं। वहीं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इनके चचेरे भाई हैं।

छह बहन-भाइयों में चौथे नंबर पर थे स्व. इज़हार आलम

स्व. इज़हार आलम खां अपने छह बहन-भाइयों में चौथे नंबर पर थे। सबसे बड़े भाई इक्तिदार आलम खां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग में प्रोफ़ेसर रहे हैं और वर्ष 1992 से 1994 तक विभागाध्यक्ष भी रहे। दूसरे भाई इफ़्तेख़ार आलम खां हैं। वहीं तीन बहनों में अज़रा आलम खां और नाहीद आलम खां का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है वहीं तीसरी बहन सैबा आलम खां आल इण्डिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन से जुड़ी हैं।

पूर्व विधायक की हैं तीन बेटियां, 'मारिया' हैं सामाजिक कार्यकर्त्ता

पूर्व विधायक स्व. इजहार आलम खां की तीन पुत्रियां हैं। सबसे बड़ी बेटी अंदलीब उर्फ़ इंदु आलम खां हैं जो हाउस वाइफ हैं। दूसरी बेटी मारिया आलम खां हैं जो सामाजिक कार्यकर्त्ता हैं और तीसरी बेटी हुमरा आलम खां हैं जो एक निजी टीवी चैनल में न्यूज़ एंकर व जर्नलिस्ट हैं।

फिल्म डायरेक्टर सैयद अहमद अफज़ल और अनुषा रिज़वी के थे मामू

बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक सैयद अहमद अफज़ल स्व. इज़हार आलम खां के भांजे हैं तो फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक अनुषा रिजवी भांजी हैं।

सैयद अहमद अफज़ल ने यंगिस्तान, लाल रंग, बारात कम्पनी आदि बॉलीवुड फिल्में डायरेक्ट की हैं वहीं एमएक्स प्लेयर की हिन्दी वेब सीरीज शिक्षा मंडल भी डायरेक्ट की है। वहीं अनुषा रिज़वी ने आमिर खांन प्रोडक्शन की मशहूर बालीवुड फिल्म पीपली लाइव को डायरेक्ट किया है।

सपा ने ट्विटर व फेसबुक पर व्यक्त की शोक संवेदना

स्व. इजहार आलम खां के निधन पर समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक व ट्विटर हैंडल पर शोक संवेदना व्यक्त की हैं।

Edited By: Mohammad Aqib Khan

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