फर्रुखाबाद में कुएं में गिरी चार साल की बच्ची को सिपाही ने बचाया, 3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
फर्रुखाबाद में स्कूल से लौट रही चार वर्षीय बालिका सूखे कुएं में गिर गई। पुलिस और दमकल टीम ने तीन ...और पढ़ें
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कुएं में गिरी चार साल की बच्ची को सिपाही ने बचाया।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। बड़ी बहन के साथ स्कूल से लौट रही चार वर्षीय बालिका ग्रामीण के घर के बाहर लगे झूला झूलने के लिए गई। वहीं पास में स्थित सूखे कुएं में वह गिर गई।
पुलिस व दमकल की रेस्क्यू टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद बालिका को सुरक्षित निकाल लिया। घायल बालिका को इलाज के लिए एंबुलेंस से डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया है।
गुरुवार दोपहर करीब सवा दो बजे नवाबगंज ब्लाक के की ग्राम पंचायत शिवरई मठ के मजरा जहानपुर निवासी पवन कुमार की चार वर्षीय पुत्री सौम्या अपनी बड़ी बहन अनन्या के साथ गांव रशीदाबाद वल्लभ के स्कूल से वापस लौट रही थी।
स्कूल से करीब आधा किलोमीटर दूर सड़क किनारे दिनेश के घर के बाहर रस्सी का झूला पड़ा था। झूला झूलने के लिए सौम्या उनके घर की ओर जाने लगी। वहीं पर एक सूखा कुआं है, जिसके ऊपर पत्थर की पटिया रखी थी।
सौम्या के निकलने से पटिया बीच से टूट गई। जिससे टूटी हुई आधी पटिया के साथ बालिका सूखे कुएं में गिर गई। बहन अनन्या के चीखने चिल्लाने पर ग्रामीण आ गए।कायमगंज कोतवाली में सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन में हलचल मच गई।

ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए गए
एसडीएम अभिषेक वर्मा, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी, क्राइम इंस्पेक्टर बी. यादव के अलावा दमकल व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार व डॉ. अमरेश कुमार के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ऑक्सीजन सिलेंडरों व चार एंबुलेंस के साथ पहुंच गई।
दमकल टीम के जवान पीठ पर आक्सीजन सिलेंडर बांध व आक्सीजन मास्क लगाकर रस्से के सहारे कुएं में उतरे। कुएं की अंदर चौड़ाई कम होने के कारण वह तल तक नहीं पहुंच सके। उनके बाहर निकलने पर दूसरे फिर तीसरे दमकल कर्मी इसी तरह उतरे, लेकिन वह भी नीचे तल तक नहीं पहुंच सके।

तीन घंटे बाद निकली सौम्या
इसके बाद कायमगंज कोतवाली के कांस्टेबल मनोज कुमार आक्सीजन फेस मास्क व अन्य सुरक्षा व्यवस्था के साथ कुएं में उतरे। वह नीचे तक पहुंच गए व सौम्या को गोद में उठा लिया। ऊपर रस्सा थामे दमकल व पुलिसकर्मियों ने रस्सा खींचकर निकाला।
इस दौरान ऊपर से तेज फोकस की लाइट से रोशनी की जाती रही। शाम करीब पांच बजे सौम्या के सुरक्षित बाहर निकलने पर सभी के चेहरों पर खुशी दौड़ गई। हालांकि तीन घंटे तक कुएं के अंदर रहने से घायल बालिका अचेत थी। सौम्या की मां सपना ने बताया कि छोटी पुत्री का स्कूल में दाखिला नहीं कराया है, उसे ऐसे ही बैठने के लिए भेजती थी।
बालिका को तुरंत एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा
पूरे रेस्क्यू के दौरान सौम्या की मां सपना, बहन अनन्या व अन्य स्वजन पास में ही एक मकान के चबूतरे पर परेशान बैठे रहे। पिता पवन कुमार दिल्ली में नौकरी करते हैं। वह फोन से पल-पल की जानकारी लेते रहे। कुएं से निकलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंबुलेंस में उपलब्ध एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा।
जिसके साथ बालिका को प्राथमिक चिकित्सा देकर एंबुलेंस से सीधे डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल भेज दिया गया। डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना ने बताया कि सौम्या की हालत ठीक है।

पुलिस से भिड़ गया ग्रामीण, हुई हाथापाई
गांव रसीदाबाद बल्लभ में साैम्या के कुएं में गिर जाने पर चल रही रेस्क्यू की कार्रवाई के दौरान भीड़ बढ़ने लगी। यह देखकर पुलिस ने भीड़ लगाए लोगों को हटने के लिए कहा। इस पर एक ग्रामीण पुलिस से भिड़ गया तो ग्रामीण व पुलिस में धक्कामुक्की के साथ हाथापाई हो गई। कुछ ग्रामीणों ने उसे हटाकर व अन्य पुलिस जनों ने समझा बुझाकर मामला शांत किया।
सिपाही को पुरस्कृत किए जाने की संस्तुति
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सौम्या को सकुशल बाहर निकालने वाले सिपाही मनोज कुमार को पुलिस पुरस्कार दिए जाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को संस्तुति भेजी गयी है।
