जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : घोड़ा नखास पुलिस चौकी में पहले एक हनुमानजी का मंदिर ही बना था। उसके बाद वर्ष 1984 में चौकी में स्थित मजार का जीर्णोद्धार कराया गया था। उसी समय मोहल्ले के लोगों ने वहां एक शिव मंदिर व दुर्गा मंदिर की भी स्थापना कर दी थी। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था। बाद में आपसी सहमति से मामला निपट गया।

चौकी परिसर में स्थित मजार से दस फीट दूर मंदिर बना है। लोग मंदिर में पूजा व मजार पर इबादत करते हैं। मंदिर स्थापना के दौरान कुछ लोगों ने आपत्ति की थी। मोहल्ले के ही निवासी वृंदावन गुप्ता के प्रयास से मामला निपट गया था। आचार्य पं.रमेश चंद्र त्रिवेदी ने बताया कि उस दौरान भी उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लिया था। मंदिर से मोहल्ले के लोगों की खासी आस्था जुड़ी है। मंदिर के सामने ही एक त्रिशुल लगा है। पुलिस चौकी बोर्ड के नीचे दीवार में मिट्टी की कुछ प्रतिमाएं भी रखी हुई हैं। पुलिस कर्मी भी मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। एसपी ने शिव-दुर्गा मंदिर में दरवाजा लगवाने के निर्देश दिए। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि दरवाजा लगने से पूजा-अर्चना में असुविधा भी आ सकती है। फिलहाल स्थापित कराई गई प्रतिमा की सुरक्षा के लिए जाली लगवा दी गई है। अभी लोहे का गेट लगना बाकी है।

Edited By: Jagran