यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विनय कटियार ने कहा- राम मंदिर के लिए एक और बलिदान को तैयार रहें हिंदू
विनय कटियार ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए एक और आंदोलन का संकेत दिया। अयोध्या में कल अपनी ही सरकार पर विनय कटियार ने साधा निशाना।

फैजाबाद (जेएनएन)। राज्यसभा सांसद तथा अयोध्या में लगातार राम मंदिर निर्माण की आवाज बुलंद करने वाले विनय कटियार ने एक बार फिर से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का राग छेड़ा है। विनय कटियार कल यहां रामकोट की परिक्रमा के दौरान लोगों के बीच राममंदिर के निर्माण का संकल्प बुलंद किया।
राज्यसभा सदस्य एवं हिंदुत्व के आतिशी प्रवक्ता रहे विनय कटियार एवं अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास ने कल इस दौरान अपनी छवि के अनुरूप भावनाओं का इजहार करने में कोई संकोच नहीं किया। विनय कटियार ने राममंदिर के लिए जहां बलिदान और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और एक और बलिदान की जरूरत पर बल दिया।
विनय कटियार ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए एक और आंदोलन का संकेत दिया। अयोध्या में कल अपनी ही सरकार पर विनय कटियार ने साधा निशाना। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार में कोई आए, लेकिन अब तो रामजन्मभूमि एक और बलिदान चाहती है। हमें इस बलिदान के लिए तैयार रहना होगा। कटियार ने कल नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर रामकोट की परिक्रमा की।
भाजपा के जानेमाने नेता विनय कटियार ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया है कि राम जन्मभूमि को हिंदू समुदाय से एक और बलिदान की जरूरत है। कटियार ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि राम जन्मभूमि एक और बलिदान की मांग कर रही है और हिंदू समुदाय को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

अयोध्या विवाद पर एक तरफ जहां देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई चल रही है, वहीं बाहर नेताओं की बयानबाजी भी जारी है। भाजपा से राज्यसभा सदस्य विनय कटियार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक और बड़ा बयान दिया। कल कटियार ने अयोध्या में कहा है कि राम मंदिर के लिए एक और बलिदान की आवश्यकता है। ऐसा कहते हुए उन्होंने यह भी आह्वान किया कि हिंदू समाज को एक और शहादत के लिए तैयार रहना होगा। विनय कटियार ने मुलायम सिंह सरकार के दौरान फायरिंग में हुई मौत का हवाला लिया। कटियार ने कहा कि अब तक करीब साढ़े तीन लाख लोगों ने राम मंदिर के लिए अपना बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक और बलिदान के लिए हम सभी को तैयार होना होगा। उन्होंने कहा यह बलिदान कैसा होगा, अभी यह कहना कठिन है।
कटियार ने कहा कि मुझे लगता है कि राम जन्मभूमि एक और बलिदान की मांग कर रही है और हिंदू समुदाय को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। कटियार ने आगे कहा कि जिस तरह से छह दिसंबर 1992 को मुलायम सिंह यादव ने गोलीबारी करवाई थी और कई लोगों की मौत हुई थी, उसी तरह एक और क्रांति की जरूरत है और हिंदू समुदाय को बलिदान के लिए जरूर तैयार रहना चाहिए।
महंत कन्हैयादास ने कहा कि यहां पर विवादित ढांचा ध्वस्त होने में तीन घंटा का समय लगा था तो भव्य राम मंदिर निर्माण में भी 10-12 घंटे से अधिक नहीं लगेंगे। उन्होंने बगल में बैठे विनय कटियार से कहा कि वह तो उनका संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाएं। इसके साथ रामकोट की परिक्रमा आयोजित करने वाली संस्था विक्रमादित्य महोत्सव न्यास के अध्यक्ष राजकुमारदास के अनुसार रामकोट की परिक्रमा भगवान राम के प्रति प्रगाढ़ आस्था से प्रेरित है और इस प्रयास को मंदिर निर्माण की मांग से अलग नहीं किया जा सकता।
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अयोध्या में रामकोट की परिक्रमा रामनगरी और रामजन्मभूमि से सरोकार की ²ढ़ता बयां करने वाली रही। यह परिक्रमा स्वयं में रामजन्मभूमि सहित त्रेतायुगीन कई अन्य पौराणिक स्थलों के प्रति आस्था की परिचायक रही है। प्रत्येक वर्ष नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर परिक्रमा आस्था की यहां पर अलख जगाने वाली साबित होती रही है। आस्था की यह परंपरा तब और चटख हुई, जब परिक्रमा शुरू होने से पूर्व तुलसी उद्यान में आयोजित सभा में अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का संकल्प बुलंद हुआ।
इस दौरान विधायक वेदप्रकाश गुप्त, नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, जगद्गुरु स्वामी अनंताचार्य, रामकथा मर्मज्ञ आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, कथाव्यास चंद्रांशु महाराज आदि ने भगवान राम एवं परंपरा शिरोधार्य करते हुए नरमी और शास्त्रीयता का परिचय दिया।
राम मंदिर से ही बनेगा राष्ट्र मंदिर
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से देवकाली बाईपास चौराहा के करीब स्थित नवग्रह मंदिर में हवन-पूजन किया गया। इस अवसर पर दशरथगद्दी के महंत बृजमोहनदास ने कहा कि यहां पर राम मंदिर निर्माण से ही राष्ट्रमंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। अयोध्या में सिर्फ व सिर्फ राममंदिर का निर्माण होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बाहरी याचिका
इससे पहले 14 मार्च को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बाहरी याचिकाओं को खारिज कर दिया था।कोर्ट ने सिर्फ ऑरिजनल याचिकाओं को ही सुनने का आदेश दिया था और करीब 32 याचिकाओं को खारिज किया था। जिसमें भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी याचिका भी शामिल थी। इसके अलावा अपर्णा सेन, श्याम बेनेगल व तीस्ता सीतलवाड़ की याचिकाएं ने भी कोर्ट ने खारिज कर दी।
