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अयोध्या, जेएनएन। अखंड रघुवंशी समाज कल्याण महापरिषद के बैनर तले एक हजार से अधिक रघुवंशी रविवार सुबह अयोध्‍या पहुंचे। अध्यक्ष हरिशंकर सिंह रघुवंशी, महासचिव शक्ति सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों पुरुष एवं महिलाएं शोभायात्रा की शक्ल में रामलला का दर्शन करने आए। दर्शन के बाद रामघाट स्थित बड़ा भक्तमाल मंदिर में एकत्र समाज के लोगों के साथ महापरिषद अध्यक्ष मीडिया से मुखातिब हुए। 

उन्होंने बताया कि गत दिनों रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीमकोर्ट ने भगवान राम के वंशजों के बारे में जानना चाहा था और यही बताने के लिए मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान से बड़ी संख्या में रघुवंशी समाज के लोग यहां आए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि क्षेत्रों में रहने वाले रघुवंशी समाज के लोग कई पीढ़ी पहले अयोध्या से ही वहां गए थे। आज जब भगवान राम के वंशजों को तलाशा जा रहा है तो हम आगे आए हैं। 

इस दौरान महापरिषद की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट एसपी सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि को संबोधित ज्ञापन में भगवान राम के वंशजों का अस्तित्व प्रवाहमान होने का दावा किया गया। रघुवंशी समाज के लोगों ने रामलला का दर्शन करने के साथ राममंदिर निर्माण में हो रहे विलंब में उत्तरदायी बाधाओं को दूर कर भव्य राममंदिर की प्रार्थना की। 

13 करोड़ राम नाम लेखन
रघुवंशी समाज के लोगों का भगवान राम में अनुराग राम नाम लेखन से भी परिलक्षित हुआ। रघुवंशी समाज के लोग अपने साथ भोपाल से 13 करोड़ राम नाम लिखी कापियां भी लेकर आए और उसे रविवार को वाल्मीकि रामायण भवन स्थित सीतारामनाम बैंक में जमा किया। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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