अयोध्या : कोतवाली नगर क्षेत्र के देवकाली इलाके में स्थित आदर्शनगर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक युवती अपनी मृत मां और बहन के शव के साथ दो महीने तक एक ही कमरे में सोती रही। घर से दुर्गंध उठने के बाद कॉलोनीवालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा तोड़ा। अंदर का ²श्य देख पुलिस वालों के भी होश उड़ गए। युवती अपनी मां और बहन के शव के पास पड़े पलंग पर लेटी हुई थी। पुलिस ने युवती को अपने संरक्षण में लेते हुए शव को कब्जे में लिया। शव आधे से अधिक सड़ चुका था, जिसकी हड्डियां तक बाहर आ गई थीं।

पूर्व एसडीएम बृजेंद्र श्रीवास्तव का मकान आदर्शनगर कॉलोनी में है। वर्ष 1990 में एसडीएम ने आत्महत्या कर ली थी। घर में उनकी पत्नी पुष्पा (65) अपनी तीन बेटियों रूपाली, विभा और दीपा के साथ रहती थीं। रूपाली की भी पहले मौत हो चुकी है। वर्तमान में पुष्पा के साथ उनकी दो बेटियां विभा और दीपा ही थीं। कॉलोनी वालों का कहना है कि घर काफी दिनों से बंद रहता था। तीनों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी, इसलिए कॉलोनी में लोगों से बोलचाल न के बराबर थी। करीब दो महीने से घर से कोई निकला ही नहीं। मकान से दुर्गंध उठने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। सीओ सिटी अरविद चौरसिया ने बताया कि शव करीब दो महीने का लग रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु का सही कारण पता चलेगा। दीपा की मानसिक स्थित ठीक नहीं देखते हुए उसे उपचार मुहैया कराने के लिए संरक्षण में लिया गया है।

Posted By: Jagran

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