अयोध्या : दीपोत्सव पर रामनगरी की छटा आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। इसकी तैयारियां आरंभ हो गई है। साकेत महाविद्यालय से लेकर रामकीपैड़ी तक तोरणद्वार बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि ये तोरणद्वार रामचरित मानस के सात कांडों पर आधारित होंगे। बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड व उत्तरकांड के आधार पर बनने वाले तोरणद्वार अयोध्या में सतरंगी छटा बिखेरेंगे। इन द्वारों को बनाने का काम आरंभ हो गया है। शोभायात्रा मार्ग के साथ ही फोरलेन को भी सजाया-संवारा जा रहा है। लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन स्थित अयोध्या के मार्ग हनुमानगुफा के पास तोरणद्वार बनाया जा रहा है।

दीपोत्सव के मुख्य स्थल रामकीपैड़ी व गुप्तारघाट पर भी कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है। इस बार गुप्तारघाट पर भी तीन दिनी आयोजन होगा। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर से हो जाएगी। गुप्तारघाट के तट के विस्तार के बाद यह पहला भव्य आयोजन होगा। लोगों को बेसब्री से इसका इंतजार है। गुप्तारघाट पर लोकनृत्य के साथ ही नौटंकी, आल्हा व रामलीला का आयोजन किया जाएगा। रामकीपैड़ी पर पांच लाख दीपक को जलाने की तैयारी है।

अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की अगुवाई में दीपों को जलाने की तैयारी आरंभ कर दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव का कहना है कि दीपोत्सव की तैयारियां आरंभ हो गई हैं। तोरणद्वारों को बनाने का कार्य शुरू किया गया है।

Posted By: Jagran

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