अयोध्या : सुप्रीमकोर्ट ने रामजन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी भले ही संभावित शासकीय न्यास को सौंपी हो पर विहिप अपने स्तर से कोई कसर नहीं छोड़े रखना चाहती। इसी क्रम में प्रयाग माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड स्थित विहिप के शिविर में रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर के मॉडल का अनावरण किया गया। लकड़ी से बना यह मॉडल सीतापुर की एक स्वयंसेवी संस्था की देख-रेख में तैयार किया गया है। विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश के मुताबिक राममंदिर का प्रस्तावित मॉडल इसके पहले भी प्रयाग के माघ मेला में प्रदर्शित किया जाता रहा है लेकिन गत नौ नवंबर को रामलला के हक में आए सुप्रीम फैसले के बाद माघ मेला में मॉडल के प्रदर्शन का मौका काफी अहम माना जा रहा है। विहिप के संयोजन में इस मॉडल का मूल स्वरूप सुप्रीम फैसला आने के तीन दशक पूर्व ही तैयार कराया गया था और इसी मॉडल के अनुरूप विहिप रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के प्रति संकल्पित रही है। इसी मॉडल को ध्यान में रखकर अयोध्या के रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में 1991 से ही शिलाओं की तराशी चल रही है। हालांकि सुप्रीम फैसला आने के बाद विहिप के प्रयासों को इस आधार पर कुछ हद तक झटका भी लगा कि यह मंदिर रामजन्मभूमि पर अपेक्षित भव्यतम मंदिर के अनुरूप नहीं है। विहिप के मॉडल के हिसाब से प्रस्तावित मंदिर 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा तथा 128 फीट ऊंचा है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस