अयोध्या : रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए विश्व वेदांत संस्थान के संयोजन में 108 कुंडीय राम महायज्ञ किया जाएगा। तीन दिवसीय महायज्ञ 22 से 24 अक्टूबर के बीच राम मंत्रार्थ मंडपम के परिसर में प्रस्तावित है। राम महामंत्र के साथ हवनकुंड में 511 वैदिक आचार्य हवनकुंड में आहुति डालेंगे, वहीं देश के कोने-कोने से जुटे धर्माचार्य मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराएंगे। यह एलान संस्थान के केंद्रीय महामंत्री स्वामी आनंद ने किया।

उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा लंबी होती जा रही है और ऐसे में प्रभु राम के ही महानुष्ठान से उनके मंदिर की कामना की जाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि अकेले वेदांत संस्थान ही नहीं अन्य अनेक धार्मिक संस्थाओं एवं धर्माचार्यों को अनुष्ठान की शक्ति से मंदिर निर्माण के लिए आगे आना होगा। स्वामी आनंद ने बताया कि निकट भविष्य में देश की आध्यात्मिक ऊर्जा से ऐसा वातावरण तैयार होगा कि मंदिर निर्माण का मार्ग स्वयमेव प्रशस्त होगा। शनिवार को मुंबई से रामनगरी पहुंचे स्वामी आनंद ने रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य एवं मिशन मोदी अगेन पीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामविलासदास वेदांती एवं उनके शिष्य डॉ. राघवेशदास से मंत्रणा कर महायज्ञ की तैयारियों की रूपरेखा तय की। 24 अक्टूबर को महायज्ञ का समापन मोदी रथ के प्रस्थान से होगा। डॉ. वेदांती के नेतृत्व में यह रथ देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में मोदी को पुन: पीएम बनाने का आह्वान करेगा।

Posted By: Jagran