अयोध्या, जेएनएन। सुप्रीमकोर्ट में जिन अधिवक्ताओं की पैरवी के चलते रामजन्मभूमि मुक्ति की साध करीब पांच सदी बाद पूरी हुई है। विहिप शनिवार को उन अधिवक्ताओं का अभिनंदन करेगी। दोपहर तीन बजे से कारसेवकपुरम में आयोजित समारोह में सुप्रीमकोर्ट में रामलला की पैरवी करने वाले शीर्ष अधिवक्ता के. पाराशरन, उनके अधिवक्ता पुत्र मोहन पाराशरन, रणजीतकुमार, मोहनधर दीवान आदि सहित दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। 

समारोह को लेकर विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेशचंद्र, केंद्रीय सलाहकार पुरुषोत्तम नारायण ङ्क्षसह, अदालत में रामलला के सखा रहे त्रिलोकीनाथ पांडेय आदि के संयोजन में पूरी शिद्दत से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कारसेवकपुरम के भारत कल्याण प्रतिष्ठानम से घिरे मैदान में मंच का निर्माण गुरुवार से ही शुरू किया जा चुका है। सम्मान समारोह के बाद समरसता भोज भी आयोजित है, जिसमें एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। 

किवदंती से कम नहीं पाराशरन

एक अधिवक्ता के तौर पर 2 वर्षीय पाराशरन किसी ङ्क्षकवदंती से कम नहीं हैं। उनका वैशिष्ट््य तब भी परिलक्षित हुआ, जब रामलला के लिए बहस करने कोर्ट के सामने पहुंचे पाराशरन से तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई ने औपचारिकता से ऊपर उठकर उन्हें बैठे-बैठे ही बहस करने का प्रस्ताव दिया। तमिलनाडु के श्रीरंगम में पैदा हुए पाराशरन 175 में आपातकाल के दौरान तामिलनाडु के एडवोकेट जनरल थे। 1980 में वे भारत के सॉलिसिटर जनरल और 1983 से 89 तक भारत के अटार्नी जनरल रहे। सुप्रीमकोर्ट में मंदिर मामले की नियमित सुनवाई को लेकर जब विपक्ष के अधिवक्ता राजीव धवन ने आपत्ति जताई। तब पाराशरन ने कहा, वे मरने के पहले यह केस पूरा होते देखना चाहते हैं। 

मोहन भी रह चुके हैं सॉलिसिटर जनरल

अधिवक्ताओं के दल में शामिल के. पाराशरन के पुत्र मोहन पाराशरन भी सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। मोहन केंद्र की मनमोहन सरकार के दूसरे कार्यकाल में देश के सॉलिसिटर जनरल रहे हैं। उन्होंने रामसेतु की ऐतिहासिक नकारने वाले तत्कालीन केंद्र सरकार के शपथपत्र से रुष्ट होकर इस पद से त्यागपत्र दे दिया था। वे मोदी की पिछली सरकार के समय देश के सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं। 

रामलला को सौपेंगे फैसले की प्रति

सम्मान समारोह में शिरकत करने आ रहे अधिवक्ता रामलला को फैसले की प्रति सौंपेंगे। रामलला की ओर से फैसले की प्रति अधिग्रहीत परिसर के पदेन रिसीवर मंडलायुक्त मनोज मिश्र स्वीकार करेंगे। अभी यह नहीं तय हो सका है कि अधिवक्ता रविवार की प्रथम बेला अथवा दूसरी बेला में रामलला का दर्शन करेंगे।

साध्वी ऋतंभरा पहुंचीं रामनगरी

-रामलला का दर्शन और अधिवक्ता सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए प्रख्यात विदुषी और तीन दशक पूर्व अपने चमत्कारिक भाषण से मंदिर आंदोलन को धार देने वाली साध्वी ऋतंभरा शनिवार को देर शाम वृंदावन से अयोध्या पहुंचीं। अविवि के गेस्ट हाउस में युवा भाजपा नेता अभय ङ्क्षसह ने उनका स्वागत किया। ऋतंभरा रविवार की प्रथम बेला में रामलला का दर्शन करेंगी। दूसरी बेला में कारसेवकपुरम पहुंच अधिवक्ताओं के प्रति सम्मान अर्पित करेंगी। 

अयोध्या आने वाले दल में उन अधिवक्ताओं की बड़ी टीम शामिल होगी, जो सुप्रीमकोर्ट में रामलला का मुकदमा तैयार करने वाली टीम में रहे हैं। इन अधिवक्ताओं के साथ उनके परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल सौ लोग होने का अनुमान है। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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