अयोध्या, संवाद सूत्र। सीता राम और राधा कृष्ण में अभिन्नता स्थापित है। इसी अभिन्नता के अनुरूप रामनगरी के जानकीघाट मुहल्ले में स्थित नवनिर्मित मंदिर में राधा कृष्ण का विग्रह स्थापित किया जा रहा है। आकर्षक मंडप, दो सभागार, तीन मंजिल, अनेक लाबी और 50 साज सुविधा युक्त कमरों से युक्त इस मंदिर को राधामोहनकुंज नाम दिया गया है।

मंदिर की दीवारों पर भागवत गीता के सभी 18 अध्याय उत्कीर्ण हैं। इसका निर्माण जगद्गुरु राधा मोहन शरण देवाचार्य के संरक्षण में उनके शिष्य महंत संत कुमार शरण ने कराया है। राधा मोहन शरण सुप्रसिद्ध कथाव्यास हैं और वृंदावन में प्रसिद्ध राधा सर्वेश्वर गीता मंदिर भी उन्हीं की अध्यक्षता में संचालित है।

रामनगरी में राधा-सर्वेश्वर (कृष्ण) की प्रतिष्ठा तो सोमवार को है, किंतु समारोह का आरंभ शुक्रवार को सात दिवसीय भागवत कथा से होगा और व्यासपीठ से राधा मोहन शरण कृष्ण कथा की रसधार प्रवाहित करेंगे। सोमवार को राधा-सर्वेश्वर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ राधा मोहन शरण को रामनगरी के संत महंत समारोहपूर्वक महंती भी देंगे।

राम मंदिर परिसर में यात्री सुविधा केंद्र का निर्माण शुरू : राम मंदिर के साथ ही परिसर में निर्मित होने वाले अन्य प्रखंडों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। इसमें यात्री सुविधा केंद्र निर्माण के लिए नींव की खोदाई शुरू हो गई है। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल सर्विस स्टेशन, शौचालय सहित कुछ अन्य अहम भवनों के निर्माण की तैयारी प्रारंभ है। इन भवनों के लिए आठ से दस फीट नींव खोदी जाएगी। ये सभी भवन पिलर पर आकार लेंगे।

रामजन्मभूमि परिसर में तकरीबन 50 हजार यात्रियों की सुविधा की व्यवस्था होगी। ये दो हिस्सों में बनाया जाएगा। एक हिस्से की क्षमता 25-25 हजार होगी। इस सुविधा केंद्र में यात्रियों की सामग्री रखने की व्यवस्था प्रमुख रूप से की जाएगी। इसके अतिरिक्त यहां विद्युत आपूर्ति के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। कुल चार विद्युत स्टेशन होंगे, जिसमें एक बड़ा और तीन छोटे सब स्टेशन स्थापित होंगे।

Edited By: Vrinda Srivastava

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