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अयोध्या : प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है पर हकीकत में अघोषित कटौती ने दिन का चैन और रात की नींद उड़ा दी है। शहरी इलाकों में घंटों बिजली गुल रहती है। वीआइपी माने जाने वाले सिविल लाइंस क्षेत्र को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बाकी क्षेत्रों का हाल बदतर है।

मौजूदा समय में जिला मुख्यालयों पर 24, तहसील मुख्यालयों पर 20 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश है, लेकिन बिजली आपूर्ति की ताजा स्थिति आदेश को मुंह चिढ़ा रही है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतरी है। सिविल लाइंस, नाका, देवकाली व नियावां बिजली उपकेंद्र क्षेत्र में अघोषित कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। ओवरलोडिग के नाम पर मनमानी कटौती की जा रही है। दिन के साथ ही रात में भी लोगों को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ही करीब चार से पांच घंटे की अघोषित कटौती का दंश लोगों को झेलना पड़ रहा है।

शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पटरी से उतरी हुई है। मिल्कीपुर, बीकापुर, गोसाईंगंज, सोहावल आदि इलाकों में लोगों को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इस मसले पर पावर कारपोरेशन के विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता मनोज गुप्त का कहना है कि आपूर्ति को सुचारु रखने का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran

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