अयोध्या, जेएनएन। दीपोत्सव पर किसी भी विवाद से बचने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने दीपोत्सव पर विश्व हिंदू परिषद को अयोध्या में विवादित स्थल पर दीपदान करने की अनुमति नहीं दी है। विवादित स्थल पर दीपदान की अनुमति न मिलने से आक्रोशित विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के संत कमिश्नर/रिसीवर मनोज मिश्रा से मिले और उनको ज्ञापन सौंपा।

अयोध्या के विवादित परिसर में दीपोत्सव के लिए विश्व हिंदू परिषद को अनुमति नहीं मिली है। अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद के विवादित परिसर दीपदान की घोषणा करने के बाद मुस्लिम ने भी विवादित प्रांगण में नमाज पढऩे की अनुमति मांगी थी। यहां पर विवाद तथा तनाव की स्थिति को देखकर जिला प्रशासन ने विश्व हिंदू परिषद को विवादित स्थल पर दीपदान करने की अनुमति नहीं दी है।

विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जब मंदिर के रिसीवर तथा कमिश्नर मनोज मिश्र से भेंट की तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का आदेश ने स्पष्ट किया। कमिश्नर ने कहा कि यहां पर परंपरागत कार्यक्रमों के अलावा किसी और कार्यक्रम की इजाजत नहीं मिलेगी। कमिश्नर के विवादित स्थल पर दीपदान की अनुमति न मिलने से खफा विश्व हिंदू परिषद के नेता अब इजाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने आज कमिश्नर से भेंट की। विश्व हिंदू परिषद ने दीपावली के दिन 27 अक्टूबर को अयोध्या के विवादित परिसर में दीपदान के लिए अनुमति मांगी थी। प्रतिनिधिमंडल में मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास, विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा व पार्षद रमेश दास सहित कई अन्य संत भी थे। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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