अयोध्या : साइबर अपराधियों से निपटने के लिए यूपी पुलिस ने अब जिले के हर थाने पर पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में बुधवार को जिले के प्रत्येक थाने पर साइबर क्राइम को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जूम एप के जरिये डीजीपी मुकुल गोयल व एडीजी साइबर क्राइम रामकुमार और साइबर पीस फाउंडेशन के रचित टंडन सूबे के पुलिस कर्मियों से जुड़े। दोपहर तीन बजे से पांच बजे तक चले ऑनलाइन प्रशिक्षण में हर थाने से चार उपनिरीक्षक, चार आरक्षी, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और महिला हेल्पडेस्क पर तैनात सभी महिला पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया। साइबर विशेषज्ञों ने अवगत कराया कि लूट, डकैती, हत्या से अधिक अब साइबर क्राइम के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सभी को सचेत रहने की आवश्यकता है। फेसबुक, वाट्सएप जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अधिक साइबर अपराध हो रहे हैं। ऐसे में यूजर्स को जागरूक किया जाना चाहिए कि वह समय-समय पर इंटरनेट मीडिया पर अपने पासवर्ड बदलते रहें। मोबाइल नंबर, जन्मतिथि जैसे कॉमन पासवर्ड न रखे जाएं। इसके अतिरिक्त इंटरनेट मीडिया पर किसी अंजान व्यक्ति से हुई दोस्ती के बाद उससे व्यक्तिगत जानकारियां साझा न की जाएं। वाट्सएप पर किसी अज्ञात नंबर से आई वीडियो कॉल रिसीव करने से बचना चाहिए। ऐसे प्रकरणों में प्राय: देखा गया है कि कॉलर फोन रिसीव करने वाले को झांसे में लेकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना कर भयादोहन करते हैं। इसी क्रम में साइबर थाना टीम की ओर से स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

..............

एएसपी ने साइबर थाने का किया निरीक्षण

-एएससी पलाश बंसल ने परिक्षेत्रीय साइबर थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने साइबर अपराध के मामलों की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि थाने में साइबर अपराध से जुड़े 25 मुकदमें दर्ज हैं। एएसपी ने इन मामलों में विवेचना की प्रगति जानी और उनके निस्तारण का निर्देश दिया। एएसपी ने कहाकि जनजागरूकता से साइबर अपराध को नियंत्रित किया जा सकता है। पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण साइबर अपराधियों से निपटने और जागरूकता फैलाने में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

Edited By: Jagran