अयोध्या (जेएनएन)। सोमवार दोपहर बाद 2:53 बजते ही रामनगरी श्रद्धालुओं के जयकारे से गूंज उठी। श्रद्धालुओं का जत्था एक-एक कर पांच कोस की परिधि पर स्थित परिक्रमा मार्ग पर उतरता रहा। देखते-देखते संपूर्ण परिक्रमा मार्ग नगरी के गले में आस्था की माला जैसा बन गया। परिक्रमा शुरू करने वालों की सर्वाधिक भीड़ नयाघाट बंधा तिराहा, रामघाट परिक्रमा मार्ग चौराहा, शाहनेवाजपुर चौराहा एवं उदया चौराहा पर उमड़ी।


सरयू तट से परिक्रमा शुरू करने वाले अधिकांश श्रद्धालु ऐसे थे, जिन्होंने पुण्य सलिला में स्नान करने के बाद परिक्रमा में शामिल होना उचित समझा। मुंह में राम का नाम और उठे हाथों के साथ जयकारे का हौसला। शुरुआती दौर में निकलने वाले जत्थे ने 15 किलोमीटर लंबी परिक्रमा हंसते-हंसते पूरी कर ली। पांच बजते-बजते परिक्रमा पूरी कर सरयू में आचमन करने वाले श्रद्धालुओं की पांत दिखने लगी। ...तो परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं का प्रवाह और गहनता से आगे बढ़ा।

लक्ष्मणघाट सरयू तट से ही परिक्रमा शुरू करने वाले महंत हरिभजनदास कहते हैं, जोशीले नौजवानों का आगे बढ़ जाना स्वाभाविक है पर अपने राम को शाम को ही यात्रा अच्छी लगती है। परिक्रमा के साथ शाम की यात्रा का योग शायद बहुतों को भा रहा था और कदम-कदम पर थोक के भाव श्रद्धालुओं के शामिल होने से परिक्रमा आस्था की उद्दाम लहर बन आगे बढ़ रही थी। पंचकोसी परिक्रमा का मुहूर्त मंगलवार को अपराह्न 3:08 बजे तक रहेगा। समझा जाता है कि मंगलवार को प्रात: चार-पांच घंटे तक पंचकोसी परिक्रमा शिखर पर होगी।  

Posted By: Ashish Mishra

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