अयोध्या : बाराबंकी जिले में हुए डबल डेकर बस हादसे में 18 लोगों की मौत के बाद शासन की सख्ती का असर दिखने लगा है। अब तक जो बसें कई जिलों को बेरोक टोक पार करते हुए दूसरे प्रदेशों में पहुंच जाया करती थीं, अब उनकी निगहबानी तेज कर दी गई है। यही तेजी अगर पहले दिखायी गई होती तो शायद यह हादसा न हुआ होता। बहरहाल उप परिवहन आयुक्त की जांच पूरी होते ही प्रदेश के प्रवर्तन इकाइयों को अलर्ट कर दिया गया है। इस सक्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि परिवहन विभाग की प्रवर्तन इकाई की पांच टीमों ने गुरुवार की रात बसों की चेकिग का अभियान शुरू किया। आरटीओ संजय सिंह ने बताया कि चेकिग अभियान में 130 बसों का चालान किया गया। 20 बसों को विभिन्न थानों में बंद किया गया है।

जिन बसों पर कार्रवाई हुई है, उनमें अन्य प्रांतों के अलावा यूपी में भी पंजीकृत बसें शामिल हैं। ये बसें अवैध रूप से संचलित हो रही थीं, जिन बसों को विभिन्न थानों में बंद किया गया है, उनमें बगैर परमिट, फिटनेस के संचालित हो रही बसें शामिल हैं। यह कार्रवाई बताती है कि किस तरह साठगांठ से बसों का संचालन होता रहा है। लापरवाही में परिवहन विभाग ही नहीं पुलिस और एनएचएआइ बराबर के दोषी माने जा रहे हैं। फिलहाल परिवहन विभाग की प्रवर्तन इकाई ने चेकिग अभियान तेज कर दिया है।

- एनएचएआइ देगी सूचना

जासं, अयोध्या : परिवहन विभाग उच्चाधिकारियों ने तहसीनपुर और अहमदपुर टोल प्लाजा मैनेजर को निर्देश जारी किया है कि जितनी बसें टोल प्लाजा से गुजरेंगी, वह उन बसों की पूरी सूची विभाग को उपलब्ध कराएगा।

Edited By: Jagran