अयोध्या : सुबह के 11 बज चुके थे, लेकिन दर्शननगर स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में सन्नाटा पसरा था। यहां लाबी में मौजूद चतुर्थ श्रेणी से पूछने पर पता चला कि सीएमओ डॉ. सीवी द्विवेदी प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की वीडियो कांफ्रेंसिग के लिए विकास भवन गए हैं। यहां दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की तैनाती है, लेकिन वे भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। यही नहीं कोई राजपत्रित अधिकारी भी जनशिकायतों के निस्तारण के लिए कार्यालय में मौजूद नहीं था। इसका असर लिपिक संवर्ग पर भी दिख रहा था। वे भी इधर-उधर थे। कार्यालय के कई कक्ष बंद थे और कर्मचारी नदारद। यह हाल तब है, जब मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि सुबह दस से 12 बजे तक अधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई अवश्य करें।

स्वास्थ्य सेवाओं की ²ष्टि से काफी अहम अयोध्या जिले का सीएमओ कार्यालय दर्शननगर में स्थापित है। जागरण ने सुबह वहां का नजारा देखा तो स्थिति चौंकाने वाली नजर आई। कार्यालय में पसरा सन्नाटा लापरवाही की गवाही दे रहा था। सीएमओ की अनुपस्थिति में कम से कम अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को कार्यालय में मौजूद रहना था। यहां दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारी तैनात हैं, डॉ. अंसार अली और डॉ. वीएन यादव। ये दोनों अधिकारी साढ़े 11 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे।

इसके अलावा पूराबाजार के अधीक्षक डॉ. एके सिंह को भी एसीएमओ का अतिरिक्त प्रभार है। उनके बारे में बताया गया कि वे दो बजे के बाद कार्यालय आएंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी का प्रभार संभाल रहे जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. आरके देव के पास भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा का प्रभार है। उनके भी यहां आने एवं जाने का कोई समय निर्धारित नहीं हैं। ऐसे में अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर आने वालों को निराश लौटना पड़ रहा था। किसी काम से यहां आए अमानीगंज के विजय पांडेय ने अधिकारियों की नामौजूदगी पर निराशा जताई। कहा, इतने वीआइपी जिले का यह हाल है तो अन्य जिलों का क्या होगा। --------------- मेरी अनुपस्थिति में एसीएमओ को मौजूद रहना था। आखिर वे क्यों नहीं मौजूद थे? इसकी जानकारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

-डॉ. सीवी द्विवेदी, सीएमओ

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