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अयोध्या, जेएनएन। भगवान राम की नगरी अयोध्या में अब माहौल बदल रहा है। सांप्रदायिक सौहार्द के लिए विख्यात रही इस नगरी में सोमवार को बड़ी संख्या में मुसलमानों ने राम मंदिर न्यास में श्रम दान किया। इन सभी से यहां पर राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थर की शिलाओं को साफ करने के साथ उनको करीने से रखा।

अयोध्या में मुस्लिमों ने सोमवार को दिन में राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई की। प्रदेश में मंदिर निर्माण के लिए अभियान चलाने वाले मुस्लिम नेता बबलू खान के नेतृत्व में करीब छह दर्जन मुस्लिमों ने राम घाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला पहुंचकर मंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई की। अब सुप्रीम कोर्ट में मंदिर मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान मंदिर समर्थकों में उत्साह है।

अयोध्या में मुस्लिम समाज के राम भक्तों ने कार्यशाला पहुंचकर राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई कर देश के कट्टरपंथी मुस्लिमो को बड़ा सबक दिया है। जिला पंचायत सदस्य और राम भक्त मोहम्मद अनीस के नेतृत्व में भारी संख्या में मुस्लिम राम भक्तों ने विहिप की राम मंदिर निर्माण के पत्थर तराशने की कार्यशाला में जय श्रीराम के नारे लगाए. साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए देश के अन्य मुस्लिम समाज के लोगों से आगे आने की अपील की। कार्यशाला पहुंचे मुस्लिम राम भक्तों ने देश के मुस्लिम समाज को बड़ा संदेश देते हुए साधु-संतों के साथ राम मंदिर के लिए एक नारा भी दिया। उन्होंने नारा लगाते हुए कहा कि राम के सम्मान में मुस्लिम भाई मैदान में, एकता का राज चलेगा मुस्लिम भाई साथ चलेगा। मुस्लिम राम भक्तों ने जन्म भूमि पर राम मंदिर के निर्माण का संकल्प भी लिया। मुस्लिम रामभक्तों ने राम मंदिर निर्माण के लिए देश के मुसलमानों से पत्थरों को दान करने की मुहिम चलाने की बात भी कही है।

जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अनीस ने कहा कि अब मुस्लिम समाज के राम भक्त प्रतिदिन कार्यशाला में पत्थरों की सफाई का कार्य करेंगे। अनीस के नेतृत्व में आये मुस्लिम समाज के लोगों ने राम भक्ति का परिचय देते हुए देश के कट्टरपंथी मुस्लिमों को करारा जवाब दिया है। इनका मानना है कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई चल रही है. ऐसे में कोर्ट जल्दी निर्णय सुनायेगा। राम मंदिर के पक्ष में कोर्ट निर्णय सुनायेगा, इसलिए मुस्लिम समाज राम मंदिर निर्माण में अभी से योगदान देना शुरू कर रहा है। मोहम्मद अनीस का कहना है कि जितना हिन्दू का राम पर हक है, उतना मुस्लिम का भी राम पर हक है। कट्टरपंथी लोगों ने ही बरगलाने का काम किया है। देश के विकास के लिए जल्दी ही राम मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज चाहता है कि देश का विकास हो।हम चाहते हैं कि जन्म स्थान पर राम मंदिर का निर्माण हो।

राम भक्त मोहम्मद अशफाक का कहना है कि हिन्दू-मुस्लिम साथ हों, देश का विकास हो और जन्म स्थान पर राम मंदिर का निर्माण हो। जिससे एक विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाए। मोहम्मद अफजल ने भी राम मंदिर निर्माण की बात कही। अफजल का कहना है कि कुछ राजनीतिक पार्टियां आपस मे लड़ाकर मंदिर निर्माण नही होने दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हम राम मंदिर निर्माण के लिए जान की बाजी लगाने तक के लिए तैयार है

इसी क्रम में मंदिर समर्थक न्यास कार्यशाला में भी तैयारियां पुख्ता करते नजर आ रहे हैं। यहां पर न्यास कार्यशाला में प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थर तराशे जा रहे हैं और तराशे गए पत्थर दशकों से यहां रखे हुए हैं। इनमें से पत्थरों की बड़ी खेप पर काई जम गई है। इसके साथ ही पत्थरों पर काफी धूल भी जम गई है।

तपस्वी छावनी के महंत स्वामी परमहंस दास ने कहा कि पूरे विश्व के मुस्लिमों के लिए अयोध्या के मुस्लिमों ने आदर्श प्रस्तुत किया है। मुस्लिम समाज ने राम मंदिर के लिए रखे गए तराशे पत्थरों को साफ कर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की है। महंत बृजमोहन दास ने कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं राम मंदिर का निर्माण होगा। मुस्लिम समाज के साथ से ही मंदिर का निर्माण होगा। भारत के मुस्लिम चाहते हैं कि जन्म स्थान पर राम मंदिर बने।

मंदिर निर्माण की तैयारियों को धार देने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग पत्थरों को साफ करने के लिए सोमवार को दोपहर से यहां जुटे। इस मौके पर उनके साथ विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा, तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंस दास, महंत बृजमोहन दास, डॉ राघवेश दास महंत बलराम दास आदि मौजूद रहे। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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