अयोध्या : बिना श्रमांश के शौचालय निर्माण को लेकर ब्लॉक अमानीगंज में मचे घमासान के बीच बीडीओ पीयूषमोहन श्रीवास्तव बचाव में आए। कहा, चंदरोज पहले संज्ञान में आया है। मामला उनके पहले का है। चूक हुई है, निर्माण करा दिया जाएगा। संबंधित पंचायत सचिव को मस्टररोल जारी कराने के लिए निर्देशित कर दिया है।

बीडीओ के बयान से साफ हो गया कि सामग्री के भुगतान के बाद शौचालय निर्माण नहीं कराया गया। यह जानबूझकर या चूक है या फिर मकसद कुछ ओर। इसे अधिकारियों को तय करना है। जागरण में खबर छपने के बाद फिलहाल हड़कंप मचा है। कंप्यूटर ऑपरेटर एवं संबंधित पंचायत सचिव एक-दूसरे पर जवाबदेही तय करने का ठीकरा फोड़ने लगे हैं। मचे घमासान से अन्य ब्लॉककर्मी मुदित हैं। करीब 26 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत शौचालय निर्माण के लिए 146 वर्क आइडी जारी कर सामग्री का भुगतान कर दिया गया। यह धनराशि कई लाख रुपये बताई गई है। शौचालय निर्माण के लिए श्रमिकों का मस्टररोल जारी नहीं कराया गया। बिना मस्टररोल के मनरेगा में परियोजना पूरी नहीं होती।

मनरेगा परियोजना में सामग्री एवं श्रमांश का 60/40 का अनुपात तय है। सामग्री भुगतान के आठ महीने बाद तक श्रमांश का मस्टरोल जारी न होने से इसने अब तूल पकड़ लिया है। तत्कालीन बीडीओ समेत कई पंचायत सचिवों को जवाबदेही से बचाने के लिए मस्टररोल जारी करा शौचालय निर्माण कराने की कवायद अंदरखाने तेज है। संबंधित पंचायत सचिवों को कार्रवाई के नाम पर धमकाया जाने लगा है। मस्टररोल न जारी कराने पर एफआइआर दर्ज कराने की धमकी की नौबत बन गई है। उठे विवाद के बाद जिले के अधिकारी पटाक्षेप के लिए शौचालय निर्माण की सलाह देने लगे हैं।

Posted By: Jagran

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