अयोध्या, जेएनएन। तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंसदास ने कहा है कि यदि प्रधानमंत्री के मौजूदा कार्यकाल में रामजन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण नहीं हुआ, तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। वे अपने आश्रम तपस्वी जी की छावनी के सामने मंदिर निर्माण के लिए हवन के बाद मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को एक और कार्यकाल की बधाई भी दी और लगे हाथ सुझाव दिया कि इस सरकार की शुरुआत मंदिर निर्माण से होनी चाहिए।

इसके लिए उन्होंने मौजूदा सरकार को चार साल का मौका भी दिया। कहा, इस अवधि में मैं मंदिर निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा और सरकार से अपेक्षा करूंगा। यदि कामयाबी नहीं मिली, तो मौजूदा सरकार के कार्यकाल के आखिरी वर्ष यानी 2024 में पीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करूंगा। हवन में रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास, शुकदेवानंद गिरि, निर्भय सिंह सहित कई संत शामिल हुए। 

हवन से मोदी को सचेत किया

हवन के बाद आचार्य सत्येंद्रदास ने कहा, मोदी सरकार ने एक बार पांच साल बिता दिया और हम मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा ही करते रह गए। आगे ऐसा न हो, इसलिए हवन के माध्यम से हम मोदी सरकार को सचेत कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि मंदिर निर्माण की दृष्टि से मोदी सरकार यह कार्यकाल जाया नहीं जाने देगी। 

मंदिर के लिए लगाते रहे हैं प्राणों की बाजी

मंदिर निर्माण के लिए पीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी देनेवाले परमहंसदास पूर्व में भी मंदिर के लिए प्राणों की बाजी लगाते रहे हैं। गत वर्ष अक्टूबर में उन्होंने राममंदिर के लिए लगातार 12 दिन तक अनशन किया। मंदिर के लिए आत्मदाह की घोषणा करने के लिए वे नवंबर में गिरफ्तार हुए और 20 दिन तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल सकी।

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Posted By: Anurag Gupta