अयोध्या, जेएनएन। भगवान राम की नगरी अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकार इकबाल अंसारी को आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का अयोध्या आने का कारण समझ में नहीं आया। अंसारी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की अयोध्या यात्रा को राजनीति से प्रेरित बताया है।

अंसारी ने कहा कि राम जन्मभूमि को लेकर दोनों पक्षों को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकार इकबाल अंसारी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया है। अंसारी ने कहा कि अयोध्या धर्म नगरी है। अयोध्या में आकर सरयू स्नान, हनुमानगढ़ी का दर्शन और रामलला का दर्शन करना अच्छी बात है।

उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का 18 सांसदों के साथ अयोध्या आना यह धर्म नहीं, बल्कि राजनीति है। इकबाल अंसारी ने कहा कि ठाकरे यहां बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि की राजनीति न करें तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को हल करने के लिए पैनल बनाया गया है, वही पैनल हिंदू और मुसलमान पक्षकारों को बुला रहे हैं।

इकबाल अंसारी ने कहा कि जन्मभूमि की राजनीति करना कानून में आता है और कानून का कई लोग मजाक उड़ा रहे हैं। अयोध्या एक धार्मिक स्थल है, लेकिन नेता यहां केवल राजनीति करने आते हैं। यह लोग अपने मकसद के लिए राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की राजनीति करते हैं। अयोध्या साधु-संतों का शहर है और जहां साधु होते हैं वहां शांति होती है।

अंसारी ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो दोनों पक्षों को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए, लेकिन हिंदू पक्ष को कोर्ट पर विश्वास नहीं है। यह सब वही लोग हैं, जो संविधान को नहीं मानते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने समस्या के समाधान के लिए मध्यस्थ पैनल बनाया है और सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अपना काम कर रहा है। इन लोगों को थोड़े दिन और सब्र करना चाहिए। 

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Posted By: Dharmendra Pandey