अयोध्या, [आनंदमोहन]। अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट से हवाई जहाज उड़ाने की जल्दी में ड्रेन निर्माण की सुधि नहीं रही। बारिश में जब एयरपोर्ट के कुछ हिस्से में जलभराव से झील जैसा नजारा देखने को मिला तो दिसंबर 2022 तक कार्य पूर्ण कर जहाज उड़ाने का दावा करने वाले अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। उसी के बाद मार्च 2023 तक कार्य पूर्ण कर उड़ान के लिए लाइसेंस लेने की दबी जुबान से बात की जाने लगी।

भविष्य में इससे बचने के लिए लगभग 50 करोड़ की लागत से 24 किमी लंबी ड्रेन निर्माण कराने का खाका सिंचाई विभाग ने खींचा है। ड्रेन निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को भूमि एयरपोर्ट अथारिटी उपलब्ध कराएगा। दरअसल, चांदपुर हरवंश ड्रेन, फिरोजपुर एवं सरेठी माइनर एवं सरैया ड्रेन का कुछ हिस्सा एयरपोर्ट में शामिल होने से बरसाती पानी के निकास व इन पर आश्रित किसानों की सिंचाई बाधित हो गई।

उसी के बाद एयरपोर्ट को जलभराव से बचाने एवं सिंचाई के लिए सिंचाई एवं नलकूप विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ मंथन हुआ। उसी मंथन में ड्रेन निर्माण एवं नए नलकूप लगाने की सहमति बनी। आकलन लगभग एक हजार से अधिक हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई इससे प्रभावित होने का है। नए नलकूप लगाए जाने के लिए सर्वे शुरू होने की जानकारी अधिशासी अभियंता (नलकूप) पीयूष रंजन देते हैं।

लगभग छह करोड़ की अनुमानित लागत से 15 से 20 नए नलकूप लगाए जाने की विभाग में चर्चा है। एयरपोर्ट अथारिटी ने अपनी बाउंड्री से पांच मीटर चौड़ाई में ड्रेनेज निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करायी है। एयरपोर्ट अथारिटी के परियोजना प्रबंधक राजीव कुलश्रेष्ठ इसे स्वीकारते हैं।

अधीक्षण अभियंता, एकादश मंडल (सिंचाई) संतोष कुमार सिंह के अनुसार, ऊपर के निर्देश के बाद ड्रेन निर्माण का आगणन तैयार करने का निर्देश अधिशासी अभियंता रजनीश गौतम को दिया है। गौतम ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम का खाका खींच लिया गया है। यह दो हिस्से में होगी। एक लगभग 16 किमी तो दूसरी लगभग आठ किमी लंबी है। इसके निर्माण से भविष्य में एयरपोर्ट को जलभराव से बचाया जा सकेगा।

Edited By: Vrinda Srivastava

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