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अयोध्या, जेएनएन। तीन तलाक विरोधी बिल पास होने के बाद जिले में तलाक का पहला मामला सामने आया है। यहां दहेज कम लाने और बेटी होने पर एक महिला उसके पति ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। पीडि़ता का आरोप है कि पहले दहेज कम लाने की वजह से ससुरालीजन टॉर्चर करते रहे। वहीं, जब उसने बेटी को जन्म दिया तो पति ने ताने मारने शुरू कर दिए। वहीं, पीडि़ता का पिता बेटी से मिलने ससुराल पहुंचा तो उसके साथ अभ्रदता की। इसके बाद पति ने जेवर छीनकर सबके सामने तलाक-तलाक-तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। तहरीर पर थानाध्यक्ष ने पति सहित छह लोगों पर दहेज उत्पीडऩ व मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। 

ये है पूरा मामला 

मामला हैदरगंज थाना क्षेत्र का है। यहां के जानाबाजार निवासी जाफरीन अंजुम पुत्री ताज मोहम्मद का निकाह पांच नवंबर 2018 को इख्तिखार अहमद पुत्र गुलाम अहमद निवासी नकटवारा थाना महराजगंज के साथ हुई थी। पीडि़ता के पिता ताज मोहम्मद ने बताया कि 50 हजार नकद धनराशि, बाइक सहित अन्य सामान दहेज में देकर बेटी की विदाई की। उसका आरोप है कि निकाह के तीन माह बाद ही ससुरालवालों ने दहेज कम मिलने की बात कहकर बेटी को प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। डेढ़ लाख रुपये और मायके से लाने के लिए दबाव बनाने लगे। 

बेटी हुई तो दे दिया तीन तलाक 

पीडि़ता ने बताया कि बीती 29 जुलाई को उसे एक बेटी हुई। इसके बाद ससुराल वाले बेटा न होने की वजह से ताने मारने लगे। परेशान होकर इसकी जानकारी मायके वालों को दी। इसपर 18 अगस्त को पिता मिलने ससुराल आए तो उनके साथ ससुरालवालों ने अभद्रता की। इसके बाद पति ने जेवर छीनकर सबके सामने तलाक-तलाक-तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। 

क्‍या कहना है पुलिस का ? 

थाना प्रभारी अवनीश कुमार चौहान ने बताया कि पीडि़ता की तहरीर पर पति समेत सास साबिया, ससुर गुलाम अहमद, देवर नसीम व वसीम तथा ननद गुलप्सा बानो पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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