अयोध्या, जेएनएन। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पांच जुलाई, 2005 को हुए आतंकी हमले पर मंगलवार को विशेष न्यायालय फैसला सुना सकता है। इसे लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट कर दिया गया है। आरएएफ व पीएसी की अतिरिक्त कंपनी अयोध्या पहुंच चुकी हैं। एसएसपी आशीष तिवारी ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मातहतों के साथ बैठक कर मंगलवार को प्रस्तावित फैसले के मद्देनजर सतर्क रहने की हिदायत दी।

अयोध्या व फैजाबाद में होटल, ढाबों, धर्मशाला, सराय व गेस्ट हाउस के संचालकों से भी निगरानी और सुरक्षा में सहयोग मांगा है। अधिगृहीत परिसर की ओर जाने वाले रास्तों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। अधिगृहीत परिसर के भीतर सुरक्षा व निगरानी हर वक्त सख्त रहती है, फिर भी इसे और सतर्क रखने की हिदायत दी गई है।

पांच जुलाई, 2005 अयोध्या की काली तारीख है। इसी दिन असलहे से लैस आतंकियों ने अधिगृहीत परिसर पर हमला किया था। आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच काफी देर मुठभेड़ हुई। अदम्य साहस का परिचय देते हुए सुरक्षा बलों ने पांच आंतकवादी ढेर कर दिए थे। इस आतंकी हमले में दो निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले की जांच में आतंकियों को असलहों की सप्लाई और मददगारों में आसिफ इकबाल, मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और डॉ. इरफान का नाम सामने आया। सभी को गिरफ्तार कर पहले अयोध्या जेल में रखा गया। इसके बाद 2006 में हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय कारागार नैनी में दाखिल कर दिया गया।

मंगलवार को इस मुकदमे में फैसला आना है। एसपी सिटी अनिल सिंह व सीओ अयोध्या अमर सिंह को निगरानी की कमान सौंपी गई है। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि मंगलवार को फैसला आने की संभावना के मद्देनजर अयोध्या में अतिरिक्त सुरक्षा व निगरानी बरती जा रही है। सुरक्षा प्वाइंटों पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। संवेदनशील इलाकों में आरएएफ व पीएसपी को लगातार गश्त का निर्देश दिया गया है।

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Posted By: Umesh Tiwari

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