-विश्व धरोहर दिवस पर विशेष

-नवाब शुजाउद्दौला की बेगम अम्मत-उज

-जहरा की याद में बना बहू-बेगम मकबरा ईरानी चारबाग शैली का नायाब नमूना मुकेश पांडेय, फैजाबाद : अगर आपको'मिनी ताज'के दीदार करना हो तो अवध के नवाबों की पुरानी राजधानी फैजाबाद चले आइए। सरयू (घाघरा) नदी के तट पर बसे फैजाबाद शहर में नवाब शुजाउद्दौला की बेगम रहीं अम्मत-उज-जहरा की याद में बना मकबरा अपनी खूबसूरती और मुगलकालीन स्थापत्य कला के चलते देश के नक्शे पर खास पहचान रहता है। अवध क्षेत्र की खास धरोहरों में शुमार बहू-बेगम मकबरा देखने में आगरा के ताजमहल जैसी आभा बिखेरता है, लेकिन रखरखाव के प्रति सरकारी तंत्र की उदासीनता और अतिक्रमण के दंश से बेजार होने के कारण अपेक्षा के अनुरूप सैलानियों को सम्मोहित नहीं कर सका है।

अवध के नवाब रहे शुजाउद्दौला की ताकतवर बेगम अम्मत-उज-जहरा के सन् 1816 में इंतकाल के बाद उनकी याद में मकबरा शहर के मुजफरा नाका के पास स्थित जवाहरबाग में उनकी संपत्ति के रूप में छोड़े गए तीन लाख रुपये से बनवाया गया। ईरानी चारबाग शैली में बने मकबरे की तामीर सन् 1818 में बेगम के खास दरबारी दराबअली ने शुरू कराई, लेकिन नींव रखने के साथ ही उनका निधन हो गया तो बाकी का निर्माण कार्य बेगम के वकील पनाह अली और उनकी गोद ली बेटी के पुत्र मिर्जा हैदर ने पूरा कराया। लगभग एक दशक में निर्मित मकबरा तकरीबन पांच सौ एकड़ में लखौरी ईंटों की चहारदीवारी के मध्य स्थित है। बेगम को जहां सुपुर्द-ए-खाक किया गया था, वहीं मुख्य हिस्सा है। फैजाबाद-इलाहाबाद मार्ग पर स्थित मकबरा का गुंबद चौथी मंजिल पर है।

वास्तु संरचना के नजरिए से मेहराबदार दरवाजों पर आलेखन, फूल-पत्तियों की आकृत्ति, कंगूरों की महीन पच्चीकारी, झरोखों एवं छोटे-छोटे मेहराबों का कलात्मक निर्माण देखने वाले कलाप्रेमियों को आश्चर्यचिकत कर देता है। बल्ब के आकार के मुख्य गुंबद, सांप के फन की तरह फूले नागपुष्प एवं गुंबद के ऊपरी हिस्से पर धातुनिर्मित मोर की खूबसूरती देखते ही बनती है। इसके ऊंचे स्थान से पूरे फैजाबाद शहर का ²श्य देखा जा सकता है। यह परिसर अब भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है और शिया बोर्ड समिति इसका प्रबंधन देखती है, लेकिन सरकारी तंत्र की अनदेखी के चलते अतिक्रमण ने इसकी भव्यता छीन ली है और प्रचार-प्रसार की कमी ने सैलानियों को दूर कर रखा है।

नई पीढ़ी को लुभाती है बाग की खूबसूरती

-नवाब शुजा-उद्-दौला के स्थापित जवाहरबाग में पेड़-पौधे इस तरह लगाए हैं कि यहां आने वाला हर कोई सम्मोहित हुए बिना नहीं रहता। ताड़ के विशालकालय पेड़ और सैकड़ों के किस्म के छोटे-बड़े छायादार, शोभादार, सु्गंधित एवं खूबसूरत फूलों के पेड़-पौधे पूरे परिसर में हरियाली के सबब बने हुए हैं।

-बहू बेगम मकबरा अयोध्या नगर निगम की धरोहर है। पर्यटकों को इसकी ओर आकर्षित करने के लिए नगर निगम अपने स्तर से हर संभव प्रयास करेगा। पुरातत्व विभाग एवं शिया वक्फ बोर्ड के सहयोग से विशेष योजना बनाई जाएगी। इसमें प्रचार-प्रसार के कार्यक्रम भी शामिल होंगे।

-ऋषिकेश उपाध्याय, महापौर, अयोध्या

By Jagran