अयोध्या : शहर के सुंदरीकरण में सबसे बड़ी बाधा बिजली के पोल हैं, जो कहीं-कहीं तो बीच रास्ते में आ गए हैं। इस वजह से मार्गों के चौड़ीकरण का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दिन ढलने के बाद इन खंभों से हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन इन्हें अब तक किनारे नहीं किया जा सका।

सुल्तानपुर व रायबरेली मार्ग से नाका हनुमानगढ़ी तक बिजली के ऐसे खंभे एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनों हैं, जो करीब-करीब बीच मार्ग पर आ चुके हैं। इसी तरह शहर में सिविल लाइंस से चौक तक, नियावां से साहबगंज तक व मकबरा से चौक तक के मार्ग पर बिजली के खंभे मार्गों के चौड़ीकरण के लाभ से लोगों को वंचित किए हुए हैं। गत वर्ष तो नाका स्थित अग्रसेन तिराहा के पास ट्रक के टकराने से करीब चार बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन पावर कारपोरेशन ने इन खंभों को शिफ्ट करने के बजाए, दोबारा उसी स्थान पर लगा दिया। ------------- अतिक्रमण का बन रहे सबब

-बीच मार्गों पर लगे बिजली के खंभे अतिक्रमण का सबब बन रहे हैं। मार्गों पर बिजली के पोल के बाद ही अतिक्रमण किया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो जाता है। सुल्तानपुर व रायबरेली मार्ग से नाका हनुमानगढ़ी तक व अन्य रास्तों पर बिजली के खंभों की आड़ में अतिक्रमण किया गया है। ------------- ट्रांसफार्मर भी रास्ते में

-शहरी क्षेत्र में करीब सात सौ ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिसमें कई ऐसे हैं, जो बीच रास्ते में आ चुके हैं, हालांकि ट्रांसफार्मरों की ग्रिलिग तो कर दी गई है, लेकिन शिफ्टिग नहीं होने से लोगों को मार्गों के चौड़ीकरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ------------- स्थान व धन मिले तो हो शिफ्टिग

-विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता मनोज गुप्त का कहना है कि खंभे मार्गों के चौड़ीकरण से पूर्व के हैं। यदि संबंधित विभाग धन उपलब्ध कराएगा तो खंभों की शिफ्टिग कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थान उपलब्ध कराने पर ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिग की जाएगी।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस