अयोध्या : प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्वांचल विकास के लिए न सिर्फ बोर्ड गठित किया है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट की सलाह के साथ पहल भी तेज कर दी है। अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों संबंधित क्षेत्र में विकास के लिए रोडमैप तैयार करना शुरू भी कर दिया है। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित को पयर्टन विकास का जिम्मा सौंपा गया है।

इसके अलावा कृषि, मत्स्य, पशुपालन और वाटर मैनेजमेंट के विकास का खाका आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. एपी राव, डॉ. हरनाम सिंह और डॉ. आरसी तिवारी तैयार करेंगे। इन तीनों ने पूर्वांचल में खेती को खासतौर से समृद्ध कर रोजगार से जोड़ने की योजना पर काम भी शुरू कर दिया है।

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28 जिले होंगे लाभान्वित

पूर्वांचल विकास बोर्ड क्षेत्र के अंतर्गत 28 जिलों का समग्र विकास होना है। इसमें सड़क, बिजली, पानी, कृषि, पर्यटन आदि क्षेत्रों का स्थिर विकास किया जाना है। समिति इन जिलों के विकास का मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कर रहे हैं। गत दिनों इस बोर्ड की एक बैठक आजमगढ़ में संपन्न हो चुकी है। एक बैठक लखनऊ में हो चुकी है। गोरखपुर में 10 से 12 दिसंबर तक होने वाली बोर्ड की बैठक में पूरी स्टेटस रिपोर्ट रखी जाएगी। कृषि विवि के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर एपी राव ने बताया कि विवि को कृषि क्षेत्र में समग्र विकास के लिए रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री की हर उम्मीद पर खरा उतरा जाएगा।

Posted By: Jagran

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