अयोध्या : सरयू नदी में बैराज बनने का रास्ता साफ हो गया है। बैराज सवा किलोमीटर लंबा होगा। इसका निर्माण अयोध्या स्थित गोरखपुर फोरलेन पुल व रेलवे ब्रिज के मध्य होगा। इसके बन जाने के बाद अयोध्या से लेकर गुप्तारघाट तक सभी घाटों पर पूरे साल सरयू का अविरल प्रवाह बना रहेगा। इसको लेकर मंगलवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की टीम ने सांसद लल्लू ¨सह के साथ स्थान का जायजा लिया।

वर्ष 2016 में 21 दिसंबर को यहां आए केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से सांसद लल्लू ¨सह ने बैराज निर्माण की मांग की थी। मंत्री ने इस पर हरी झंडी दे दी। सांसद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व ¨सचाई मंत्री धर्मपाल से भी मुलाकात की। अब इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सासंद के साथ गोरखपुर एनएचआइ के परियोजना निदेशक प्रदीप श्रीवास्तव, ¨सचाई विभाग के चीफ इंजीनियर जेके निरंजन समेत अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। तय किया गया कि यह बैराज फोरलेन स्थित पुल से लेकर रेलवे ओवरब्रिज के मध्य बनाया जाएगा। सांसद ने बताया कि अयोध्या-फैजाबाद को उसकी गरिमा के अनुसार विकसित किया जाएगा।

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ये होगा फायदा

-बैराज निर्माण इस तरह से होगा कि भविष्य में जलयान को गुजरने के लिए अपेक्षित मार्ग मिल सके। बैराज बनने से राम की पैड़ी में सरयू जल का अविरल प्रवाह हो जाएगा। शारदा सहायक नहर को भी पानी सुलभ होगा। इससे पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित होगी। अभी प्रतिकूल मौसम में सरयू में जल की कमी हो जाती थी। नतीजा यह होता है कि सरयू घाटों से काफी दूर चली जाती हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल ने बताया कि यहां स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। बैराज के निर्माण से यह समस्या दूर होगी।

Posted By: Jagran