अयोध्या : प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दुष्कर्मी शिक्षक संतोष पाल को अलग-अलग अपराधों में कुल 22 साल जेल की सजा सुनाई है। उसे दुष्कर्म के अपराध की अधिकतम सजा 10 साल ही भोगनी होगी, क्योंकि अन्य मामलों की सजा साथ-साथ चलेंगी। 20 हजार रुपये की जुर्माना भी उसे भरना पड़ेगा।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजय ओझा के मुताबिक संतोष कुमार गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में पढ़ाता था। इसी कॉलेज की छात्रा को वह ट्यूशन पढ़ाने उसके घर जाता था। उसने छात्रा के परिवारजनों का विश्वास हासिल कर लिया था। छात्रा को पालीटेक्निक फार्म भराने के बहाने अभियुक्त उसे लखनऊ ले गया। यहां किसी पेय में नशीला पदार्थ पिला दिया और पूना लेकर चला गया। यहां बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। अपहरण की वारदात नौ मार्च 2015 की थी। छात्रा की बरामदगी करीब माह भर बाद की गई। अभियुक्त गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के काजीपुरगाडर का निवासी है।

Posted By: Jagran