अयोध्या : रामनगरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम राज्य की स्थापना का आह्वान किया। उन्होंने कहा, राम राज्य की स्थापना भाषणों से नहीं प्रबल पुरुषार्थ से संभव है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह उपक्रम पूरी गंभीरता से कर रहे हैं। प्रदेश में भी हम लोगों के स्तर से इस दिशा में अभियान संचालित है। मुख्यमंत्री ने कहा, अयोध्या हमारे लिए वोट बैंक नहीं बल्कि आस्था और समाज तथा पूरी दुनिया को एकसूत्र में जोड़े रखने की भावभूमि है। उन्होंने भारतीय योग से लेकर प्रयाग कुंभ तक का हवाला दिया और कहा, आज योग दुनिया के 192 देशों में स्वीकृत-शिरोधार्य हो रहा है।..तो आगामी कुंभ के अवसर पर देश के सभी छह लाख गांवों एवं दुनिया के 192 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कुंभ यदि आज दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में यूनेस्को की अमूर्त धरोहर में शामिल हुआ है, तो इसके पीछे प्रधानमंत्री का भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में प्रतिष्ठापित करने का प्रयास और हमारी संस्कृति की मजबूत जड़े हैं। रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं महंत नृत्यगोपालदास को जन्मोत्सव की बधाई देने पहुंचे मुख्यमंत्री जन्मोत्सव के ही मंच से संत सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान राम मंदिर निर्माण का सवाल उठने पर उन्होंने याद दिलाया कि मैं उस गोरक्षपीठ से हूं, जहां की तीन पीढि़यां 1934 से ही राम मंदिर के प्रति समर्पित रही हैं और आज भी मैं उसी भावना से जुड़ा हुआ हूं और इससे अलग होने का प्रश्न ही नहीं उठता। मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद भी जताई कि रामजन्मभूमि विवाद के समाधान का मार्ग निकलना ही चाहिए और मंदिर समर्थकों ने इतने दिनों तक धैर्य रखा, कुछ दिनों तक और धैर्य रखें। हमें मंदिर निर्माण के नाम पर उन साजिशों को समझना होगा, जिससे मंदिर के लिए अनुकूल वातावरण प्रभावित होता हो। अपने 30 मिनट के उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षियों पर भी हमला बोला। उन्होंने याद दिलाया कि आज ही के दिन 1975 में लोकतंत्र का गला घोंटने वाले लोग लोकतंत्र पर खतरे की बात कहकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं और तुष्टीकरण एवं विभाजन की सियासत करने वाले आज सामाजिक न्याय एवं सांप्रदायिक सौहार्द का रोना रो रहे हैं। योगी ने इस छद्म से सावधान करते हुए बताया कि संतों के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री देश के गिरिजनों, अनुसूचित जातियों, निषादों, वंचित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अभिनव प्रयास कर रहे हैं और इसके तहत 2022 तक देश के हर गरीब को आवास उपलब्ध होगा, नि:शुल्क विद्युत एवं रसोई गैस का कनेक्शन दिया जा रहा है। कभी राम मंदिर के आतिशी प्रवक्ता रहे मुख्यमंत्री जाते-जाते मर्यादा की नसीहत भी दे गए। कहा, भगवान राम मर्यादा के प्रतीक रहे हैं और संत इस मर्यादा के वर्तमान प्रतिनिधि हैं और इस मर्यादा का पालन करते हुए राम मंदिर सहित देश के अन्य मसलों के लिए सम्यक समाधान का रास्ता निकालना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने न्यास अध्यक्ष को बधाई देते हुए उनके सौ वर्ष जीने की कामना की। करीब सवा तीन घंटा अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मित्र एवं जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य के आश्रम अशर्फीभवन पहुंच उनसे भेंट की। मुख्यमंत्री ने सहस्त्रधाराघाट पहुंच सरयू महोत्सव का उद्घाटन किया।

Posted By: Jagran

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