अयोध्या : मुख्यमंत्री की अयोध्या यात्रा अचानक थी। इसके बावजूद उनका इकबाल शिद्दत से बुलंद हुआ। मध्याह्न हवाईपट्टी से स्वागत करने वालों का तांता लगा और उनका काफिला लंबा होता गया। अनुसूचित जाति के महावीर के यहां पहुंचने तक उनके अनुगामियों की संख्या और सरगर्मी तासीर छोड़ने लगी थी। अशर्फीभवन, मणिरामदासजी की छावनी, दिगंबर अखाड़ा, सुग्रीवकिला आदि स्थानों तक पहुंचते-पहुंचते वे सैकड़ों संतों-महंतों से मुखातिब हो चले थे। इससे कहीं अधिक संत-महंत एवं पार्टी समर्थक उनके स्वागत में उमड़ रहे थे।

बजरंगबली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी तक उनके स्वागत का मौन मुखर होने लगा था। हनुमानगढ़ी के द्वार पर दशरथगद्दी के महंत बृजमोहनदास, महंत बलरामदास, रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समन्वय समिति के अध्यक्ष आचार्य नारायण मिश्र, राममंदिर के लिए अभियान चलाने वाले बब्लू खान, मित्र मंच के प्रभारी शरद पाठक बाबा आदि के साथ स्वागत की नई पांत नजर आती है, जो फूल-माला के साथ जयश्रीराम का उद्घाोष कर रही होती है। हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री को गद्दीनशीन महंत प्रेमदास के साथ महंत संतरामदास, पार्षद पुजारी रमेशदास, समाजसेवी पुजारी राजूदास आदि की ओर से मुख्यमंत्री के सत्कार की सरगर्मी देखने को मिली।

Posted By: Jagran

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