अयोध्या : 26 अक्टूबर को प्रस्तावित दीपोत्सव का तृतीय संस्करण भव्यता के नए प्रतिमान गढ़ेगा। दीपोत्सव के प्रथम संस्करण में रामकीपैड़ी के तट पर एक साथ रिकार्ड एक लाख 87 हजार दीप जलाए गए। तकनीकी कारणों से यह कोशिश गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिका‌र्ड्स में नहीं दर्ज हो सकी तो दूसरे संस्करण में तीन लाख एक हजार दीप जलाने का कीर्तिमान रिका‌र्ड्स बुक में दर्ज हुआ। तीसरे संस्करण में रिकार्ड की ²ष्टि से रामकीपैड़ी तट पर तो तीन लाख 21 हजार दीप जलेंगे पर सब मिलाकर छह लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है। दीप प्रज्वलन के प्रभारी आशीष मिश्र के अनुसार रामनगरी और उसकी जुड़वा फैजाबाद के अन्य 14 चुनिदा स्थल भी दीपोत्सव से गुलजार होंगे। इन स्थलों पर एक लाख 67 हजार दीपों को जलाए जाने का लेखा-जोखा किया जा रहा है। इन दीपों को मिलाकर दीपोत्सव में 28 हजार लीटर से अधिक तेल की जरूरत से दीपोत्सव की व्यापकता-भव्यता का अनुमान किया जा सकता है। यह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अन्य आयामों से भी परिभाषित होगी। नयाघाट पर क्राफ्ट एंड फूड प्रदर्शनी और 20 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन से सजीव प्रसारण भी गहमा-गहमी में चार-चांद लगाएगा। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के माध्यम से रामनगरी की विरासत को पुनगररव प्रदान किया है। तीन दिन पूर्व होगा आगाज

दूसरी बार से यह स्पष्ट होने लगा था कि दीपोत्सव एक दिन तक ही सिमट कर रह जाने वाला उत्सव नहीं बनेगा और इसी सच्चाई के अनुरूप इस बार दीपोत्सव की छटा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ तीन दिन पूर्व से ही बिखरेगी। संस्कृति विभाग की ओर से गुप्तारघाट पर 24 अक्टूबर से ही गीत-संगीत एवं रामलीला का मंचन शुरू होगा।

Posted By: Jagran

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