अयोध्या, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का काम चंद रोज में शुरू हो जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की योजना ऐसा सुदृढ़ राम मंदिर बनाने की है, जो हजार साल तक आंधी-तूफान और मौसम की मार बर्दाश्त करने में सक्षम होगा।

इस योजना के अनुरूप मंदिर की नींव इस तरह ढाली जाएगी, जैसे बड़ी नदियों पर बनने वाले पुल के स्तंभों का निर्माण होता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को कारसेवकपुरम में मीडिया से बातचीत में कहा कि अयोध्या में मंदिर के भूमि पूजन में के सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि हम यहां पधारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यवहार तथा विनम्रता का अभिनंदन करते हैं। मंदिर निर्माण में अब आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंदिर निर्माण में कुछ तकनीकी काम बाकी है।

कारसेवकपुरम में मंदिर निर्माण की भावी कार्ययोजना के संबंध में संवाददाताओं से बात करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह सामान्य मकान का निर्माण कार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय ख्याति की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के विशेषज्ञ नींव की ड्राइंग को अंतिम स्वरूप देने में लगे हैं। सारा दारोमदार नींव पर ही है। इसके साथ ही प्रस्तावित मंदिर का मानचित्र विकास प्राधिकरण से स्वीकृत कराया जाएगा।

मंदिर का परकोटा तो पांच एकड़ में ही है, पर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के मुताबिक, मानचित्र संपूर्ण 70 एकड़ के रामजन्मभूमि परिसर को ध्यान के रखकर निर्मित कराया जाएगा। हालांकि उन्होंने अभी यह बताने से इनकार किया कि मंदिर के अलावा 70 एकड़ के परिसर में और क्या-क्या निर्मित होगा। उन्होंने यह जरूर स्पष्ट किया कि मंदिर के मानचित्र का शुल्क जमा करने में हमें किसी छूट की अपेक्षा नहीं है और जो शुल्क होगा, उसे पूरा जमा किया जाएगा। 

चंपत राय ने कहा कि इसका इंतजाम है कि मंदिर एक हजार वर्ष तक सुरक्षित रहे। फिलहाल रामलला के नीव की ड्राइंग बनकर तैयार है। इसके निर्माण के लिए एलएनटी कंपनी तैयार है। इस कंपनी ने अभी तक ट्रस्ट के सामने ड्राइंग पेश नहीं की है। राम मंदिर के नींव के काम पर चंपत राय ने कहा कि ड्राइंग देखने के बाद नींव खोदाई और उसको भरने का कार्य शुरू होगा। इस मंदिर की नींव दो सौ फीट नीचे होगी।

भगवान के काम में धन की कोई कमी नहीं  : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण की तैयारी पर चर्चा करते हुए विश्वास जताया कि भगवान के काम में धन की कोई कमी नहीं आने पाएगी। बताया कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का खाता खुलने की तीन माह की अवधि में 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र हो गई है। प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ मोरारी बापू के आह्वान पर 48 घंटे के भीतर ही ट्रस्ट के खाते में 11 करोड़ आठ लाख रुपये जमा हुए। पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव किशोर कुणाल की ओर से शुरुआती दौर में ही दो करोड़ का चेक प्राप्त हो चुका है। मुंबई से एक करोड़ की नकदी जमा हुई है और यह दान संभवत: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तथा शिवसेना की ओर से दिया गया है। भूमि पूजन के ही दिन अच्छी गति से ऑनलाइन दान प्राप्त हुआ। किसी ने 25 लाख, किसी ने 11 लाख, तो किसी ने पांच लाख ट्रस्ट के एकाउंट में डाले। गुजरात के वनवासी संत शांतागिरि ने किस्तों में 51 लाख रुपये देने की घोषणा करने के साथ पहली किस्त के रूप में 11 लाख का दान किया। 

अभूतपूर्व विनम्रता के लिए प्रधानमंत्री को किया प्रणाम : चंपत राय ने कहा, कोरोना संकट और चौतरफा आलोचना सहन करते हुए प्रधानमंत्री भूमि पूजन के लिए आए और पूर्व जन्म सहित अपने माता-पिता से मिले संस्कारों को व्यवहार में प्रकट करते हुए रामलला को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को यह कहते हुए प्रणाम किया कि इतने ऊंचे स्थान पर बैठकर भी उनमें अभूतपूर्व विनम्रता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी आभार जताया और कहा, उनकी तीन पीढ़ियां मंदिर निर्माण के काम में लगी हुई हैं और इसके लिए एक साधु के रूप में मैं मुख्यमंत्री और उनकी गोरक्ष पीठ को सादर नमन करता हूं। 

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