अयोध्या [रमाशरण अवस्थी]। Ayodhya : कोरोना संकटकाल के बीच रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। 11 मई, 2020 से परिसर के समतलीकरण का काम शुरू हो चुका है। अगले सप्ताह से काम में और तेजी आएगी, क्योंकि निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के विशेषज्ञ परिसर पहुंचने लगे हैं। एजेंसी के स्टाफ के लिए परिसर में कैंप कार्यालय का निर्माण भी शुरू हो गया है, जो दो-तीन दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही एलएंडटी के प्रतिनिधि मंदिर निर्माण की शुरुआत कर देंगे।

उधर, सितंबर 1991 से ही संचालित रामघाट स्थित रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में प्रस्तावित मंदिर में प्रयुक्त होने वाले करीब दो तिहाई पत्थरों की तराशी की जा चुकी है। कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा के अनुसार, एक ओर तराशे गए पत्थरों को रामजन्मभूमि परिसर में ले जाए जाने का काम शुरू होगा, दूसरी ओर तराशी के बाकी काम युद्धस्तर पर पूर्ण किए जाने के प्रयास होंगे। निर्माण एजेंसी के एक्सपर्ट पहुंच रहे हैं। एक-दो दिन में आवश्यक उपकरण भी धीरे-धीरे पहुंचने लगेंगे। पत्थर आदि की जांच के इंतजाम किए जा रहे हैं। वर्षों से खुले में रखे पत्थर में आई खोट को भी दूर करना प्रारंभ कर दिया गया है। उन पर जमी काई को हटाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण में तीन वर्ष का समय लगने की उम्मीद है।

ऐसा हो प्रस्तावित मंदिर : लाल बलुआ पत्थर से प्रस्तावित मंदिर 268 फीट पांच इंच लंबा, 140 फीट चौड़ा एवं 128 फीट ऊंचा होगा। मंदिर में 212 स्तंभ लगने हैं। प्रथम तल पर 106 और इतने ही दूसरे तल पर। प्रथम तल पर प्रयुक्त होने वाले स्तंभों की ऊंचाई 16 फीट छह इंच और दूसरे तल के स्तंभों की ऊंचाई 14 फीट छह इंच होगी। प्रत्येक स्तंभ पर यक्ष-यक्षिणियों की 16-16 मूर्तियां उत्कीर्ण होंगी। मुख्य मंदिर दो सोपान पर अधिष्ठित होगा। प्रथम सोपान आठ फीट ऊंचा एवं द्वितीय सोपान चार फीट नौ इंच ऊंचा है। मंदिर में प्रमुख रूप से पांच प्रखंड हैं। प्रथम अग्रभाग, दूसरा सिंह द्वार, तीसरा नृत्य मंडप, चौथा रंग मंडप एवं पांचवां वह गर्भगृह होगा, जहां रामलला विराजेंगे।

मंदिर में दो गर्भगृह : प्रस्तावित मंदिर में दो गर्भगृह हैं। प्रथम तल के गर्भगृह में रामलला एवं द्वितीय तल के गर्भगृह में मां सीता, चारों भाइयों एवं हनुमान जी सहित राम दरबार की झांकी होगी। पहली मंजिल 18 फीट ऊंची एवं दूसरी मंजिल 15 फीट नौ इंच ऊंची होगी। दूसरी मंजिल के बाद 16 फीट तीन इंच ऊंचा एक अन्य प्रखंड होगा और इसी प्रखंड पर 65 फीट तीन इंच ऊंचा शिखर होगा। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य ने बातचीत में स्वीकार किया कि अगले एक पखवारे में मंदिर निर्माण का कार्य काफी तेजी पकड़ लेगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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