अयोध्या : देश की आजादी का पर्व कारागार में निरुद्ध तीन बंदियों के लिए नया सवेरा लेकर आएगा। स्वतंत्रता दिवस पर अयोध्या जेल से तीन बंदियों को सलाखों से मुक्ति मिलेगी। जेल प्रशासन ने बंदियों को चिह्नित कर उनकी रिहाई के लिए मुख्यालय से पेशकस की। इन बंदियों की रिहाई में सबसे बड़ी बाधा धनाभाव था, जिसका भुगतान करने के लिए एक समाजसेवी संस्था ने हामी भरी है। प्रक्रियाएं पूरी है। इंतजार सिर्फ 15 की सुबह का है, जब ये खुली हवा में सांस लेंगे। इन बंदियों की रिहाई का रास्ता जेल अधीक्षक बृजेश कुमार के प्रयास से संभव हो सका है।

कारागार से रिहा होने वाले बंदियों में तारुन निवासी संतोष वनराजा, उसका फाइली अर्जुन वनराजा एवं अंबेडरकनगर जिले के जैतपुर निवासी राजू का नाम शामिल है। शासन का फरमान है कि ऐसे बंदी जो जुर्माना न भर पाने के कारण जेल में बंद हों, उन्हें हर हाल में रिहा कराया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप जेल प्रशासन ने बंदियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की तो तीन बंदी चिह्नित हुए। दो हजार रुपये का जुर्माना अदा न कर पाने के कारण वह जेल में बंद हैं। जेल अधीक्षक बृजेश कुमार का कहना है कि समाज सेवियों से बात कर जुर्माने की रकम जमा करने के बाद इन बंदियों को 15 अगस्त को रिहा कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। तीनों बंदी चोरी के मामले में जून से बंद हैं। एक अन्य बंदी की रिहाई के लिए प्रयास किया जा रहा है, जिसके संबंध में उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है।

Posted By: Jagran

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