अयोध्या : संत तुलसी दास पीजी कॉलेज कादीपुर सुल्तानपुर की एमएड द्वितीय वर्ष की एक छात्र का त्रुटिपूर्ण अंकपत्र जारी होने के मामले में परीक्षा विभाग के प्रधान सहायक राजेश पांडेय व वरिष्ठ सहायक छेदालाल फंस गए हैं। राजेश पांडेय कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष हैन्। इन दोनों से त्रुटिपूर्ण अंकपत्र व सारणीयन की जांच के प्रकरण में जबाव तलब किया गया है। सात दिसंबर तक जबाव देना है। छात्र को एमएड द्वितीय वर्ष की मार्कशीट पर 1200 से 1209 अंक दिए गए हैं।

दोनों कर्मचारियों ने छात्रा का अंकपत्र व सारणीयन जांचकर हस्ताक्षर किए। इसके बाद अंकपत्र महाविद्यालय भेजा गया। मामला प्रकाश में आया तो कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ने परीक्षा नियंत्रक से जांच आख्या मांगी। परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने जांच कर रिपोर्ट दी, जिसमें उल्लेख है कि छात्रा ने एमएड द्वितीय वर्ष का परीक्षा फार्म भरते समय एमएड प्रथम वर्ष के बजाए बीएड द्वितीय वर्ष में मिले अंक भर दिए। छात्रा की गलत सूचना वाले फार्म का सत्यापन महाविद्यालय ने किया और इसी आधार पर प्रिटिग एजेंसी ने अंकपत्र व सारणीयन छापी। इसे राजेश कुमार पांडेय व छेदालाल ने जांचा और हस्ताक्षर किए। जब छात्रा का अंकपत्र सामने आया तो विश्वविद्यालय की खूब किरकिरी हुई।

-------------------- 12 कर्मियों ने की घोर अनुशासनहीनता अयोध्या : गत 21 नवंबर को प्रति कुलपति कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन करने के मामले में 12 कर्मचारियों को घोर अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। कर्मचारियों के कृत्य प्रतिकुलपति कार्यालय के बरामदे में लगे सीसीटीवी में कैद हैं। सभी ने कुलपति व प्रति कुलपति के प्रति अपशब्द कहे। जबरदस्ती कुलपति कार्यालय के चैनल गेट के अंदर घुसे। प्रति कुलपति कक्ष के दरवाजा का कुंडा जबरदस्ती खटखटाया। सरकारी कार्य में बाधा डाली। मुख्य नियंता प्रो.आरएन राय व उनकी टीम ने इन्हें चिह्नित किया। इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। अनुशासनहीनता के दायरे में आने वालों में कर्मचारी कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राजेश पांडेय, महामंत्री श्याम कुमार, संयुक्त मंत्री दिलीप पाल, रामजी सिंह, रामकुमार, कौशल किशोर, छेदालाल, दिनेश नारायण दुबे, मनोज सिंह, दीनानाथ, सुरेंद्र शर्मा, सौरभ श्रीवास्तव है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस