अयोध्या : कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ने अपने ऊपर लगे आरोपों की सीबीआई जांच सिफारिश तो की, लेकिन कर्मचारी नेताओं पर इसका रंचमात्र प्रभाव नहीं दिखा। सोमवार को विश्वविद्यालय खुलते ही कर्मचारी जमा होने लगे। पूर्वाह्न 11 बजे कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश पांडेय ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कर्मचारी मांगों के पूरा होने तक कार्यबहिष्कार का एलान किया।

कहा, गत 21 नवंबर को सीओ सिटी के समक्ष विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कर्मचारियों के मध्य जो वार्ता हुई थी, उस पर अमल नहीं हुआ। इसी वजह से कर्मचारी विवश होकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से कुलपति को बर्खास्त कर जांच कराने की मांग की। प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ल को पद से तत्काल हटा देने की मांग की। परिसर में पूरी तरह से कार्य बाधित रहा। कई भवनों में ताले लटकते मिले। छात्र नामांकन, डिग्री व अन्य अभिलेख लेने पहुंचे तो उन्हें उल्टे पांव वापस होना पड़ा।

इस दौरान उपाध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव, महामंत्री श्याम कुमार, संयुक्त मंत्री दिलीप कुमार पाल, कोषाध्यक्ष श्यामलाल, संगठन मंत्री विवेक कुमार सिंह, कौशल सिंह, राजेश, संतोष, ध्रुवराम, गणेश राय, रमेश श्रीवास्तव, हरिशंकर तिवारी, विष्णु यादव, जयशंकर मिश्र, अमर सिंह, अशोक, आनंद, रामकुमार, ब्रह्मानंद, अनूप सिंह, रमेश प्रसाद, हरिकेश, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. मोहनचंद तिवारी आंदोलनकारियों में शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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