रुदौली (फैजाबाद) : कोटेदार गरीबों का निवाला हजम कर रहे हैं। लगभग 250 राशनकार्ड धारकों का 152 कुंतल खाद्यान्न गायब है। राशन गोदाम से कोटेदार ने उठाया, लेकिन खाद्यान्न दुकान तक नहीं पहुंचा। गोदाम से उठान किया गया राशन कोटेदार की दुकान से नदारद है। ग्रामीणों ने कोटेदार पर 152 कुंतल राशन बेंचने का आरोप लगाया है।

एसडीएम पंकज ¨सह ने पूरे मामले की जांच के निर्देश एआरओ को दिया है। मामला सरैठा गांव का है। यहां के निवासी सहजराम ने डीएम, एसडीएम व एआरओ से शिकायत कर कोटेदार पर गरीबों का निवाला हजम करने की बात कही है। शिकायत के बाद कोई भी अधिकारी मौके तक जांच करने नहीं गया है। आरोप है कि कोटेदार माधुरी देवी ने 22 मई को राशन का उठान किया पर राशन कोटेदार की दुकान में उपलब्ध नहीं है। पूर्ति निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। ..............दो माह बाद भी नहीं हुई जांच

रुदौली : चार गांवों के 1734 राशनकार्ड धारकों के लगभग 800 कुंतल खाद्यान्न हड़पने की अब तक जांच नहीं शुरू ही पाई। दो माह बीत चुके है, कोटेदारों को क्लीन चिट प्रशासन ने बगैर जांच किए दे दिया। गांवों में जांच करने पूर्ति कार्यालय से कोई अफसर तक ने किसी जांच तक नहीं की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार व एआरओ की संयुक्त जांच टीम बनाई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच टीम ने कागजों पर जांच की होगी। मौके तक कोई अफसर नहीं आया।

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नहीं हुई रिकवरी

रुदौली के मुजफ्फरा गांव में कोटेदार जगपता ने 96 फर्जी राशन कार्ड धारकों का तीन साल का राशन हड़पता रहा। शिकायत हुई, जांच में पुष्टि हुई, कोटा छह माह पहले निलंबित हुआ। एसडीएम ने रिकबरी के आदेश दिए। छह माह बाद भी रिकबरी नहीं हुई। खाद्यान्न हड़पने की पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज न कराना पूर्ति विभाग पर सवाल खड़े करता हैं।

Posted By: Jagran

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