मवई (रुदौली) : इज्तिमा में 12 जोड़ों का सामूहिक निकाह कराया गया। मखदूमपुर के मौलाना शरीफ ने सभी जोड़ों को निकाह पढ़ाया। तालियों की गड़गड़ाहट के साथ निकाह कबूल किया गया। खादिम तारिक ने बताया कि निकाह दहेजरहित हुआ। इस मौके पर मौलाना उमर मेवात, हाफिज मसूद बुलंदशहर, हाफिज शहीद बनारस मौलाना हारिस आदि ने इज्तिमा में आए हुए लोगों को खिताब किया।

इज्तिमा का मकसद मुसलमानों को नमाजी बनाना

मवई : इज्तिमा का मकसद हर मुसलमान को सौ फीसदी नमाजी बनाना है। मुसलमान का ताल्लुक मस्जिद से हो। हर मुसलमान दीनदार बने। अल्लाह और रसूल ने जो हुक्म दिया है, उसको पूरा करे। यह विचार ग्राम मोहम्मदपुर दाऊदपुर के तब्लीगी इज्तिमा में खिताब करते हुए मेरठ के मुफ्ती तमकीन ने व्यक्त किया। कहा कि नमाज छोड़ने पर अल्लाह और रसूल को तकलीफ होती है। नमाज हर मुसलमान को बुराई से बचाता है। मौलाना शरीफ खां ने कहा कि अगर कोई मुसलमान अपने मकान को भव्य रूप देने के लिए पड़ोसी के मकान से अपना मकान ऊंचा बनाता है तो उसे अपने पड़ोसी, चाहे जिस मजहब का हो इजाजत लेना जरूरी है।

Posted By: Jagran

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