जागरण संवाददाता, इटावा : गुजरात के अहमदाबाद शहर से आई तकरीबन आधा दर्जन श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अपने निर्धारित समय से तकरीबन 8 से 10 घंटे की देरी से इटावा पहुंची। इस दौरान भूख और प्यास से व्याकुल प्रवासी स्टेशन पर आते ही पानी के लिए टूट पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद इनको बस से नुमाइश पंडाल भेजा गया। जहां पर भोजन व पानी देकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इन ट्रेनों में सीमावर्ती जनपदों फर्रुखाबाद, कन्नौज, जालौन, मैनपुरी, एटा व फिरोजाबाद के 641 प्रवासी आये थे। जालौन जा रहे नीरज कुमार, फर्रुखाबाद जाने वाले जालिम सिंह, मैनपुरी जाने वाले रामशंकर ने बताया कि वह लोग शनिवार की शाम 6 बजे अहमदाबाद से इटावा के लिए ट्रेन में बैठे थे। ट्रेन शाम 7 बजे रवाना हुई, लेकिन इससे पूर्व भोजन नहीं दिया गया है। इसके बाद कोटा, आगरा के रास्ते ट्रेन सोमवार को सुबह 11 बजे इटावा पहुंची जो तकरीवन 9 घंटे लेट थी। जहां से नुमाइश पंडाल लाया गया और भोजन पानी दिया गया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बसों द्वारा मैनपुरी, फर्रुखाबाद, औरैया, जालौन आदि स्थानों पर भेजा गया। रेलवे स्टेशन पर पंचायती राज विभाग की रश्मि बाथम, मीनाक्षी चौहान व रुचि यादव ने आने वाले प्रवासियों का डाटा तैयार करके प्रशासन को उपलब्ध कराया। इसके बाद एक-एक घंटे के अंतराल पर अन्य ट्रेनें भी आयीं। तहसीलदार सदर एन राम ने बताया कि सोमवार को 30 बसों के माध्यम से तकरीबन 1600 प्रवासियों को गंतव्य की ओर भेजा गया। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीणा ने बताया कि अहमदाबाद की ओर से आठ ट्रेनें आई हैं जिसमें 641 प्रवासी इटावा उतरे हैं, जिनको बसों द्वारा नुमाइश पंडाल ले जाया गया है।

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