जासं, इटावा : कोरोना ने हर किसी को हाथों की पूर्ण स्वच्छता की अहमियत को अच्छी तरह से समझा दिया है। हाथों को स्वच्छ रखकर कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य तरह की संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है, क्योंकि हाथों के जरिये मुंह व नाक के रास्ते कई बीमारियां शरीर के अंदर प्रवेश कर जाती हैं। इस बारे में समुदाय को पूरी तरह जागरूक करने के लिए ही हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैंडवाशिग डे (विश्व हाथ धुलाई दिवस) मनाया जाता है।

इटावा निवासी किग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा. सूर्यकांत त्रिपाठी का कहना है कि सांस संबंधी कई बीमारियां हाथों की सही तरीके से सा़फ सफाई न होने से पैदा होतीं हैं। गले के संक्रमण का भी बहुत बड़ा कारण भी यह बनता है। हाथों को अच्छी तरह से धुलने के बाद लोग कपड़े से पोंछ लेते हैं, जिससे उस सफाई का कोई मतलब नहीं रह जाता है। इसलिए हाथों को धुलने के बाद उसे हवा में ही सुखाएं और अपने को संक्रमण से बचाएं।

हाथों की सही सफाई 'सुमन' ने समझाई साबुन-पानी से हाथों की सही तरीके से सफाई के छह प्रमुख चरण बताए गए हैं, जिसे सुमन के विधि से समझा जा सकता है। एस-का मतलब है पहले सीधा हाथ साबुन-पानी से धुलें, यू-फिर उलटा हाथ धुलें, एम-फिर मुठ्ठी को रगड़-रगड़कर धुलें, ए-अंगूठे को धुलें, एन-नाखूनों को धुलें और के-कलाई को अच्छी तरह से धुलें। इस विधि से हाथों की सफाई की आदत बच्चों में बचपन से ही डालनी चाहिए और उसकी अहमियत भी समझानी चाहिए। डा. भीमराव अंबेडकर जिला चिकित्सालय के पुरुष व महिला हास्पिटल मैनेजर डा. निखिलेश, डा. सरताज ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल में ग्लोबल हैंडवाश डे पर एक जागरूकता कार्यक्रम रखा जाएगा।

Edited By: Jagran